Kanina News | सफाई कर्मियों की हड़ताल का 27वां दिन : सरकार का पुतला फूंका | मांगों को लेकर प्रदर्शन

नगरपालिका सफाई कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल के 27वें दिन कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नगरपालिका कार्यालय से रेलवे रोड टी-पॉइंट तक प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और वहां हरियाणा सरकार का पुतला फूंका। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जा रहा है।
इससे पहले सफाई कर्मचारियों ने बीती रात वाल्मीकि धर्मशाला से अंबेडकर चौक तक कैंडल मार्च निकालकर अपनी मांगें उठाई थीं। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार विरोध कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जा रही है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

कर्मचारियों ने सरकार पर 13 मई को हुए समझौते को लागू नहीं करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि समझौते के बाद उन्हें मांगों पर कार्रवाई की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। इसी कारण कर्मचारियों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
इकाई प्रधान अनिल कुमार मलिक ने कहा कि सरकार के साथ समझौता होने के बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं किया जा रहा।

उन्होंने कोरोना काल के दौरान सफाई कर्मचारियों की सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी कर्मचारियों ने शहरों और कस्बों में सफाई व्यवस्था संभाली थी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने मुश्किल परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाई, इसलिए सरकार को अब उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
ब्लॉक प्रधान अनिल कुमार ने कहा कि सफाई कर्मचारी लगातार अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं होने के कारण कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने के लिए कर्मचारी मजबूर होंगे।
प्रदर्शन में अनिल कुमार, योगेश कुमार, सचिन, सुनील कुमार, अशोक कुमार, राकेश कुमार, कर्मवीर, नरेंद्र, शशिबाला, बिमला, राजेश, संजय और पवन सहित अन्य सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला दहन करने के बाद वापस लौट गए।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत और पूर्व में हुए समझौते के बावजूद मांगों का समाधान नहीं होने से आंदोलन लंबा खिंच रहा है। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द बातचीत कर मांगों पर फैसला लेने की मांग की है।



