Ateli News | राजकीय विद्यालयों का बनेगा डिजिटल मैप : भूमि-भवन का मिलेगा सटीक ब्योरा | स्कूल मुखियाओं को निर्देश

राजकीय विद्यालयों की भूमि और भवनों की वास्तविक स्थिति का सटीक रिकॉर्ड तैयार करने के लिए शिक्षा विभाग ने डिजिटल मैप बनवाने की प्रक्रिया शुरू की है। विभाग ने सभी राजकीय उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के मुखियाओं को अपने विद्यालय परिसर का डिजिटल नक्शा तैयार करवाने के निर्देश दिए हैं।
विभाग के निर्देशों के अनुसार डिजिटल नक्शे में विद्यालय परिसर में वर्तमान में उपलब्ध और उपयोग में आ रहे भवन, कक्षा-कक्ष, शौचालय, पेयजल व्यवस्था, खेल मैदान, चारदीवारी और अन्य आवश्यक संरचनाओं को स्पष्ट रूप से दर्शाया जाएगा। इससे विभाग के पास विद्यालयों में उपलब्ध भूमि और आधारभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकेगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन भवनों, कमरों या परिसर के किसी हिस्से को ध्वस्त करने की अनुमति पहले ही मिल चुकी है, उन्हें डिजिटल नक्शे में उपयोगी निर्मित क्षेत्र के रूप में शामिल नहीं किया जाएगा। विद्यालय मुखियाओं को नक्शा तैयार करवाते समय मौके की मौजूदा स्थिति दर्ज करने और जानकारी का दोबारा सत्यापन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी कुसुम यादव ने बताया कि सभी विद्यालय मुखियाओं को निर्धारित प्रारूप में सटीक जानकारी के साथ डिजिटल मैप तैयार कर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे विभाग के पास प्रत्येक विद्यालय की भूमि और भवनों से संबंधित प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकेगा और भविष्य की योजनाएं तैयार करने में सुविधा होगी।
आर्किटेक्ट मोहित वर्मा ने बताया कि डिजिटल मैप के माध्यम से विद्यालय की भूमि और भवनों की पैमाइश एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगी। इससे नए भवनों का ले-आउट तैयार करने, खाली भूमि के बेहतर उपयोग और भविष्य के निर्माण कार्यों की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि डिजिटल नक्शे में लैटीट्यूड और लोंगीट्यूड पॉइंट भी जोड़े जा सकते हैं। इससे विद्यालय भवन की सटीक लोकेशन को जीआईएस मैप पर दर्ज और ट्रैक करने में सुविधा होगी।
Editor: शिवानी राजपूत



