Kanina News | जिला स्तरीय बाजरा उत्सव आयोजित : करीब 500 किसानों ने लिया हिस्सा | 10 स्टॉल लगाई गईं

कनीना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन स्कीम के अंतर्गत खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, पोषक अनाज के तहत जिला स्तरीय बाजरा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, महेंद्रगढ़ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 500 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों, निगमों और प्रगतिशील किसानों की ओर से करीब 10 स्टॉल भी लगाई गईं।
कनीना के बाबा मोल्ड नाथ ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र अहलावत, एसडीएम कनीना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के भूतपूर्व शिक्षा निदेशक डॉ. हनुमान दास विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीओ महेंद्रगढ़ डॉ. अजय ने की। कार्यक्रम का आयोजन एटीएम अरविंद यादव और बीएओ डॉ. संदीप के नेतृत्व में किया गया।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. नरेश यादव अपने वैज्ञानिक साथियों डॉ. अशोक ढिल्लों, डॉ. पूनम और डॉ. नरेंद्र के साथ किसानों को तकनीकी जानकारी देने के लिए उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ. जितेंद्र अहलावत ने विधिवत रूप से बाजरा उत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों से मोटा अनाज उगाने के साथ-साथ इसके सेवन पर भी जोर दिया।
डॉ. जितेंद्र अहलावत ने कहा कि लगातार गेहूं और चावल का सेवन हमारी जीवनशैली को प्रभावित कर रहा है, इसलिए धीरे-धीरे अपनी थाली में मिलेट को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डबल इंजन सरकार किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आज बाजरा 2900 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर बिक रहा है। इसके साथ ही दक्षिणी हरियाणा को उसके हिस्से का पानी भी उपलब्ध हो रहा है।
उन्होंने पीएम किसान, प्रधा

नमंत्री फसल बीमा योजना, बाजरा भावांतर भरपाई और फसल सुरक्षा बोनस योजना सहित विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बाजरा से लेकर कपास तक करीब 25 फसलों की खरीद हरियाणा सरकार एमएसपी पर कर रही है। उन्होंने कहा कि फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हरियाणा सरकार फसल की भरपाई के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर डॉ. एचडी यादव ने पशुधन को स्वस्थ रखने पर जोर दिया। वहीं अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अजय यादव ने मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने भूमि में जैविक कार्बन बढ़ाने के लिए फसल अवशेषों को खेतों में ही संचित करने की सलाह दी।
कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. नरेश यादव ने किसानों से संरक्षित खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधन अगली पीढ़ी की धरोहर हैं, इसलिए इनका सोच-समझकर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों से फसल अवशेष नहीं जलाने और उन्हें भूमि में ही संचित करने की अपील की। डॉ. पूनम ने मिलेट के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

विषय विशेषज्ञ डॉ. योगेश सिंह ने विभाग की विभिन्न ऑनलाइन योजनाओं को अपनाने पर जोर दिया और कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। पशुपालन विभाग से डॉ. रविकांत, बागवानी विभाग से राजकुमार और मछली पालन विभाग से सोमदत्त ने अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी किसानों को दी।
कार्यक्रम के अंत में किसानों के लिए प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। किसानों से 10 प्रश्न पूछे गए और सही जवाब देने वाले 10 किसानों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बीएओ महेंद्रगढ़ डॉ. संदीप, डॉ. सोमवीर, बीटीएम मनीषा, एटीएम अरविंद, महेश, पर्यवेक्षक बंशी, कविता, शंकर, राहुल, परमवीर, भूपेंद्र, कुलदीप, राहुल, रवि, सतीश सहित करीब 500 किसान मौजूद रहे। विभिन्न विभागों, निगमों और प्रगतिशील किसानों की ओर से करीब 10 स्टॉल भी लगाई गईं।
Editor: शिवानी राजपूत



