Narnaul News | पशु हमले से प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद : घायल को न्यूनतम 10 हजार | मृत्यु पर 5 लाख तक सहायता

आवारा पशुओं के हमले या कुत्ते के काटने से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत देने के लिए हरियाणा सरकार की दयालु-2 योजना के तहत जिला प्रशासन ने आवेदनों के समयबद्ध निपटारे पर जोर दिया है। मंगलवार को उपायुक्त अनुपमा अंजली की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। बैठक में योजना के तहत लंबित और स्वीकृत मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों तक बिना देरी सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि कुत्ते के काटने अथवा आवारा पशुओं के हमले से किसी नागरिक के घायल होने या मृत्यु होने की स्थिति में दयालु-2 योजना के तहत निर्धारित आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। पात्र मामलों में सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए प्रभावित व्यक्ति अथवा पात्र आश्रित को घटना के 90 दिन के भीतर आवेदन करना जरूरी है। आवेदन सरल हरियाणा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। निर्धारित अवधि में आवेदन मिलने के बाद संबंधित विभागों द्वारा मामले का सत्यापन किया जाता है।

डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत प्राप्त होने वाले आवेदनों के सत्यापन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। विशेष रूप से लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा कर पात्र प्रभावित परिवारों को जल्द आर्थिक राहत उपलब्ध कराई जाए।
उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत घायल होने की स्थिति में कम से कम 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। वहीं मृत्यु होने की स्थिति में पात्र परिवार को 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। सहायता राशि संबंधित मामले की पात्रता और निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रदान की जाती है।
उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं के हमले और कुत्ते के काटने जैसी घटनाओं से प्रभावित परिवारों को आर्थिक परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में योजना का उद्देश्य निर्धारित पात्रता के अनुसार प्रभावित परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है।
बैठक में दयालु-2 योजना के तहत जिले में प्राप्त आवेदनों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। लंबित मामलों के कारणों की समीक्षा करने के साथ अधिकारियों को जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।
जिला स्तरीय समिति ने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर सहमति जताई। संबंधित अधिकारियों को कहा गया कि प्रत्येक आवेदन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच और सत्यापन किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहें।
डीसी अनुपमा अंजली ने अधिकारियों से योजना के संबंध में लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को आवेदन की समय-सीमा की जानकारी होना जरूरी है, क्योंकि घटना के 90 दिन के भीतर आवेदन करने का प्रावधान रखा गया है।
प्रशासन ने आवारा पशुओं के हमले या कुत्ते के काटने से प्रभावित पात्र लोगों से समय रहते सरल हरियाणा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने का आह्वान किया है। आवेदन के बाद संबंधित विभागों द्वारा सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर पात्रता के आधार पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में महेंद्रगढ़ के एसडीएम योगेश सैनी, नांगल चौधरी के एसडीएम उदय सिंह, डीएसपी भारत भूषण, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार और जिला सांख्यिकी अधिकारी अनिता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



