रेवाड़ी | चलते ट्रेन में बड़ा तकनीकी फेलियर : इंजन डिब्बों से हुआ अलग | टला बड़ा रेल हादसा | रेलवे ने शुरू की जांच
रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में मंगलवार को रेलवे की बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां रेवाड़ी से श्रीगंगानगर जा रही यात्री ट्रेन एक गंभीर तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। गोकलगढ़ रेलवे फाटक के समीप चलते समय ट्रेन का इंजन सवारी डिब्बों को छोड़कर आगे निकल गया। बताया जा रहा है कि इंजन और डिब्बों […]

रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में मंगलवार को रेलवे की बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां रेवाड़ी से श्रीगंगानगर जा रही यात्री ट्रेन एक गंभीर तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। गोकलगढ़ रेलवे फाटक के समीप चलते समय ट्रेन का इंजन सवारी डिब्बों को छोड़कर आगे निकल गया। बताया जा रहा है कि इंजन और डिब्बों को जोड़ने वाला कपलिंग (हुक) अचानक खुल गया, जिसके कारण यह घटना हुई। गनीमत रही कि चालक ने स्थिति को समय रहते संभाल लिया और एक बड़ा रेल हादसा टल गया।
घटना के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक जोरदार झटका लगने से कई यात्री घबरा गए। कुछ यात्री तुरंत ट्रेन से नीचे उतर आए, जबकि अन्य लोग घटना को लेकर एक-दूसरे से जानकारी लेते रहे। मौके पर कुछ देर के लिए दहशत जैसा माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान इंजन और सवारी डिब्बों के बीच लगी कपलिंग अचानक खुल गई। इंजन डिब्बों से अलग होकर कुछ दूरी तक आगे बढ़ गया, जबकि डिब्बे पीछे ही रुक गए। यदि यह घटना अधिक गति पर होती या किसी ढलान अथवा व्यस्त ट्रैक पर होती तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और रेलवे सुरक्षा से जुड़े कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सबसे पहले पूरे ट्रैक का निरीक्षण किया और तकनीकी टीम की मदद से इंजन को दोबारा डिब्बों से जोड़ा गया। इसके बाद ट्रेन को आगे रवाना करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
रेलवे अधिकारियों ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर कपलिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी या यांत्रिक विफलता की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। अधिकारियों ने संबंधित तकनीकी पहलुओं की जांच के निर्देश दिए हैं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने रेलवे के सुरक्षा मानकों और ट्रेनों के नियमित तकनीकी निरीक्षण पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि ट्रेनों की समय-समय पर प्रभावी तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए तो इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता है। यात्रियों ने रेलवे से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
हालांकि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन समय रहते स्थिति नियंत्रित हो जाने से एक संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया। अब सभी की नजर रेलवे की जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि आखिर चलते ट्रेन में कपलिंग खुलने की वजह क्या थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।



