3 महीने से सूखी नहर, प्यासे खेत और खाली जोहड़
शहबाजपुर डिस्ट्रिब्यूटरी में पानी नहीं आने से ग्रामीणों में चिंता। जल संकट ने फसलों और पर्यावरण को गंभीर खतरे में डाल दिया है।

नांगल चौधरी। गर्मी के सीजन के बीच शहबाजपुर डिस्ट्रिब्यूटरी में पिछले तीन महीने से अधिक समय से पानी नहीं आने का दावा करते हुए ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नहर सूखी होने से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो गई है गांवों के जोहड़ पूरी तरह सूख चुके हैं और पानी पर निर्भर पशु-पक्षी भी प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। उमस और गर्मी के बीच जल संकट ने किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों के अनुसार शहबाजपुर से दोस्तपुर तक डिस्ट्रिब्यूटरी कई स्थानों पर मिट्टी, गाद और घास से अटी पड़ी है उनका कहना है कि लंबे समय से पानी नहीं आने के कारण नहर की सफाई भी नहीं हो सकी है किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो खरीफ की फसल पर गंभीर असर पड़ सकता है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

शहबाजपुर के सरपंच विक्रम सिंह ने कहा नहरी पानी हमारा अधिकार है लेकिन तीन महीने से हमें हमारे हिस्से का पानी नहीं मिल रहा। सिंचाई विभाग को तुरंत इस ओर ध्यान देना चाहिए और क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बहाल करनी चाहिए।
दोस्तपुर के सरपंच प्रतिनिधि बाबरूभान ने कहा शहबाजपुर से दोस्तपुर तक नहर जगह-जगह मिट्टी और घास से भरी हुई है तीन महीने से अधिक समय से नहर में पानी नहीं आया गांवों के जोहड़ सूख गए हैं। पशु-पक्षी और मवेशी पानी के लिए भटक रहे हैं जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं की ओर ध्यान दें। हमारी सिंचाई मंत्री से मांग है कि किसानों और ग्रामीणों को उनके हिस्से का नहरी पानी उपलब्ध कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि नहरी पानी केवल फसलों के लिए ही नहीं बल्कि गांवों के जोहड़ों, पशुधन और पर्यावरण के लिए भी जीवनरेखा है यदि समय रहते पानी नहीं छोड़ा गया और नहर की सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।



