रेवाड़ी | भाजपा में गुटबाजी का आरोप : चिरंजीव राव ने विकास मुद्दों पर सरकार को घेरा
चिरंजीव राव ने भाजपा नेताओं की गुटबाजी पर निशाना साधा है, जिससे रेवाड़ी का विकास बाधित हो रहा है।

रेवाड़ी | अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं रेवाड़ी विधानसभा से पूर्व विधायक चिरंजीव राव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि रेवाड़ी और पूरे दक्षिण हरियाणा का विकास आज भाजपा नेताओं की आपसी गुटबाजी, अहंकार और तथाकथित "प्रोटोकॉल की राजनीति" की भेंट चढ़ गया है। भाजपा के सांसद और विधायक एक-दूसरे के कार्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं और इसकी सबसे बड़ी कीमत रेवाड़ी की जनता चुका रही है।
चिरंजीव राव ने कहा कि हाल ही में बावल विधानसभा क्षेत्र में आयोजित "खेत बचाओ" कार्यक्रम में देश के केंद्रीय कृषि मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री मौजूद थे। यह दक्षिण हरियाणा के लिए बड़ा अवसर था। यदि जिले के सभी जनप्रतिनिधि एकजुट होकर क्षेत्र की आवाज उठाते तो रेवाड़ी, बावल, कोसली और पूरे दक्षिण हरियाणा के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करवाई जा सकती थीं। लेकिन भाजपा नेताओं की आपसी खींचतान और प्रोटोकॉल की राजनीति के कारण केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह कार्यक्रम में नहीं पहुंचे साथ ही रेवाड़ी जिले के तीनों विधायक भी नहीं पहुंचे और बाद में इसे प्रोटोकॉल का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया गया।
उन्होंने कहा कि अभी यह मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि धारूहेड़ा नगर पालिका के चेयरमैन एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव भी अनुपस्थित रहे। विधायक का कहना है कि उन्हें आधिकारिक निमंत्रण नहीं मिला। आखिर भाजपा में चल क्या रहा है। क्या भाजपा सरकार में सांसद और विधायक भी एक-दूसरे के साथ बैठने को तैयार नहीं हैं। यदि भाजपा के जनप्रतिनिधि अपने ही कार्यक्रमों में साथ नहीं दिखेंगे तो जनता के विकास कार्यों की पैरवी कौन करेगा।
चिरंजीव राव ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार, प्रदेश में भाजपा की सरकार, सांसद भाजपा का, विधायक भाजपा के—फिर भी जनता को अपनी मांगों के लिए धरने देने पड़ रहे हैं। एम्स को लेकर जनता को आंदोलन करना पड़ा, रामगढ़-भगवानपुर के लोगों को अपनी आवाज बुलंद करने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। आखिर जब सत्ता के सभी केंद्र भाजपा के पास हैं, तब जनता को संघर्ष करने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह का हर सरकार और हर मुख्यमंत्री से टकराव कोई नई बात नहीं है। कांग्रेस सरकार के समय चौधरी भजनलाल और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ मतभेद रहे, भाजपा सरकार में मनोहर लाल खट्टर के साथ भी रिश्ते अच्छे नहीं रहे और अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ भी दूरी की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं। सवाल यह है कि यदि हर दौर में टकराव ही रहेगा तो रेवाड़ी के विकास की लड़ाई कौन लड़ेगा।
चिरंजीव राव ने कहा कि भाजपा नेताओं को यह तय करना होगा कि उन्हें जनता की लड़ाई लड़नी है या फिर अपने राजनीतिक वर्चस्व की। जनता ने उन्हें प्रोटोकॉल की राजनीति करने के लिए नहीं, बल्कि विकास कराने के लिए चुना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के बीच चल रही खींचतान के कारण विकास परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं, सरकारी कार्यक्रम राजनीति का अखाड़ा बन रहे हैं और रेवाड़ी की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। यदि भाजपा के सांसद और विधायक अपनी आपसी राजनीति से ऊपर नहीं उठ सकते तो उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए।
चिरंजीव राव ने कहा कि रेवाड़ी की जनता अब बहानों से नहीं, विकास से जवाब चाहती है। भाजपा को यह बताना होगा कि आखिर "प्रोटोकॉल" बड़ा है या जनता का हित। यदि भाजपा नेता अपने अहंकार और गुटबाजी से बाहर नहीं आए, तो आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देगी।



