महेंद्रगढ़ | 12 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र मंजूर : रामबास केंद्र बना पीएचसी
महेंद्रगढ़ में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने 13 नए स्वास्थ्य संस्थानों की मंजूरी दी है। 12 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे और रामबास का उप-स्वास्थ्य केंद्र पीएचसी में अपग्रेड होगा।

महेंद्रगढ़ | जिले के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के अथक प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा अब पहले से कहीं अधिक मजबूत होने जा रहा है। हरियाणा सरकार ने जिले को 13 स्वास्थ्य संस्थानों की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद जिले में 12 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे, जबकि गांव रामबास (ढाणा) के उप-स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का दर्जा दे दिया गया है। इस फैसले से हजारों ग्रामीण परिवारों को घर के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार की सोच साफ है—बेहतर इलाज हर गांव और हर परिवार तक पहुंचे। इसी लक्ष्य के तहत लगातार स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे उपचार के लिए भी शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने बताया कि रामबास (ढाणा) में उप-स्वास्थ्य केंद्र के पीएचसी बनने से अब क्षेत्र के लोगों को ओपीडी, प्राथमिक उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिलेंगी। इससे मरीजों का समय बचेगा, आर्थिक खर्च घटेगा और इलाज भी अधिक सुविधाजनक होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि छापड़ा सलीमपुर, कनीना, छीलरो, मुंडिया खेड़ा, भड़फ, मोरुंड, नायन, राय मलिकपुर, मुसनोता, चंदपुरा, नांगल नूनिया और सेका गांवों में नए उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के शुरू होने से गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, बच्चों का टीकाकरण, सामान्य बीमारियों का उपचार और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं गांवों में ही उपलब्ध होंगी।
आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार 'हर गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सेवा' के संकल्प को तेजी से जमीन पर उतार रही है। नए स्वास्थ्य संस्थानों से ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी, स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ेगी और लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा स्वास्थ्य तंत्र तैयार करना है, जहां किसी भी ग्रामीण नागरिक को प्राथमिक उपचार के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। महेंद्रगढ़ को मिली यह सौगात जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगी और हजारों परिवारों के जीवन को अधिक सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।



