Faridabad News | इन्वेस्टमेंट के नाम पर 60 लाख की धोखाधड़ी : बाप-बेटा जीरकपुर से गिरफ्तार | रकम मांगने पर धमकी का आरोप

इन्वेस्टमेंट के नाम पर 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस चौकी सैनिक कॉलोनी और अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सेक्टर-85 फरीदाबाद निवासी भूपेंद्र सिंह चौधरी और उसके बेटे माधव चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने दोनों को जीरकपुर, पंजाब से गिरफ्तार किया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार झज्जर जिले के बेरी निवासी परवीन कादियान ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि भूपेंद्र चौधरी और उसके बेटे माधव चौधरी ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर उससे कुल 60 लाख रुपये लिए थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसमें से 50 लाख रुपये बैंक खाते के माध्यम से दिए गए, जबकि 10 लाख रुपये नकद दिए गए थे।
शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपियों ने उसे निवेश के माध्यम से पैसा कमाने का भरोसा दिया था। इसी आधार पर उसने आरोपियों को रकम दी। बाद में जब शिकायतकर्ता ने अपनी निवेश की गई राशि वापस मांगी तो आरोपी कथित तौर पर टाल-मटोल करने लगे और फोन कॉल का जवाब देना भी बंद कर दिया।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि बार-बार पैसे वापस मांगने पर उसे झूठी पुलिस शिकायत में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिता-पुत्र के फरीदाबाद, आगरा और गुरुग्राम में पेप्सी डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम हैं। पुलिस के अनुसार विभिन्न कारणों से आरोपियों पर कर्ज बढ़ गया था और उन्हें पैसों की जरूरत थी।
पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता और आरोपियों की मुलाकात एक साझा परिचित के माध्यम से हुई थी। आरोप है कि इसके बाद पिता-पुत्र ने शिकायतकर्ता को निवेश के जरिए पैसा कमाने का भरोसा देकर उससे 60 लाख रुपये प्राप्त किए।
पूछताछ में पुलिस को यह भी पता चला कि शिकायतकर्ता की ओर से रकम वापस मांगे जाने पर आरोपी लगातार बहाने बनाकर उसे टालते रहे और रकम वापस नहीं की। इसके बाद पुलिस चौकी सैनिक कॉलोनी और अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को जीरकपुर, पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनसे मामले को लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस मामले में सामने आए तथ्यों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारी के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही है।



