Faridabad News | निगम अधिकारी पर कार्रवाई की मांग : कैबिनेट मंत्री को सौंपा ज्ञापन | वायरल ऑडियो की जांच की मांग

बिहार के लोगों के प्रति कथित अभद्र भाषा और गाली-गलौज से जुड़े वायरल ऑडियो का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विभिन्न पूर्वांचल और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। संगठनों ने वायरल ऑडियो से जुड़े नगर निगम अधिकारी को तत्काल निलंबित करने और जांच के आधार पर कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री के समक्ष कहा कि वायरल हो रहे कथित ऑडियो के कारण बिहार से आकर फरीदाबाद में रह रहे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। संगठनों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

पूर्वांचल फाउंडेशन के मुख्य संरक्षक एवं यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. आरएन सिंह ने कहा कि फरीदाबाद और हरियाणा के विकास में बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से आकर यहां रह रहे लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अलग-अलग राज्यों से आए लोगों को यहां सम्मान और समान अवसर मिलते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भी प्रवासी मजदूरों के कल्याण के लिए कई योजनाओं पर काम किया गया है। इसके बावजूद बिहार के लोगों को लेकर कथित तौर पर अभद्र भाषा और गाली-गलौज वाले वायरल ऑडियो से फरीदाबाद में रहने वाले पूर्वांचल समाज के लोगों में नाराजगी है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।

फरीदाबाद के प्रथम महापौर एवं सामूहिक पूर्वांचल सभा के मुख्य संरक्षक सूबेदार सुमन ने भी कैबिनेट मंत्री से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी अथवा अधिकारी से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
सूबेदार सुमन ने संबंधित अधिकारी को तत्काल निलंबित कर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई होने से भविष्य में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी।
इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने संगठनों की ओर से कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल को ज्ञापन सौंपे। प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मामला किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसलिए मामले के तथ्यों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने वालों में भोजपुरी अवधी समाज के चेयरमैन पंडित रमाकांत तिवारी, सामूहिक पूर्वांचल सभा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह, पूर्वांचल विकास मंच के अध्यक्ष सुदीश यादव, लोहिया जागृति मिशन सोसाइटी के अध्यक्ष एडवोकेट नागेश सिंह और पूर्वांचल फाउंडेशन एवं अखिल भारतीय राजपूत एकता मिशन के अध्यक्ष एसके सिंह शामिल रहे।
इसके अलावा प्रोत्साहन मंच के महासचिव बीपी सिंह, प्रवासी हिताय सेवा समिति के अध्यक्ष दिलीप कुमार तिवारी, महासचिव अर्जुन सिंह, पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सीपी पांडेय और एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी सिंह सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री से मांग की कि वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता और पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित अधिकारी की भूमिका की जांच करते हुए आरोप सही पाए जाने की स्थिति में कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठनों के पदाधिकारियों के अनुसार कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने मामले को संवेदनशील बताते हुए उनकी मांगों को सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा और नियमानुसार उचित कार्रवाई के लिए कदम उठाए जाएंगे।



