Gurugram News | बाबा बालकनाथ मंदिर तोड़े जाने पर महापंचायत : संतों-ग्रामीणों ने जताया विरोध | सुरक्षा के बीच तय होगी आंदोलन की रणनीति

सेक्टर-50 स्थित आदमपुर झाड़सा गांव में बाबा बालकनाथ मंदिर, गोशाला और समाधि स्थल को तोड़े जाने के बाद विवाद गरमा गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), नगर निगम और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों और संत-महात्माओं ने मंदिर परिसर में महापंचायत बुलाई है। महापंचायत में आगे की रणनीति को लेकर चर्चा होने की बात कही जा रही है।
महापंचायत की अध्यक्षता 360 खाप के प्रधान महेंद्र सिंह ठाकरान कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार राजस्थान के तिजारा से भाजपा विधायक और नाथ संप्रदाय के प्रमुख महंत बालकनाथ योगी समेत कई संतों और हिंदू संगठनों से जुड़े नेताओं के इसमें शामिल होने की संभावना है। मंदिर परिसर में हुई कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है, जिसके मद्देनजर सेक्टर-50 क्षेत्र में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है।

ग्रामीणों और नाथ पंथ से जुड़े साधुओं का आरोप है कि प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान सख्ती बरती। उनके अनुसार करीब 16 घंटे तक चली कार्रवाई में शिव मंदिर को छोड़कर परिसर में बने पांच अन्य मंदिरों, गोशाला, समाधि स्थल और अन्य निर्माणों को तोड़ा गया।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि परिसर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों को हटा दिया गया। उनका कहना है कि गोशाला में मौजूद करीब 35 गाय और बछड़ों को कार्टरपुरी स्थित गोशाला में स्थानांतरित किया गया। इन आरोपों को लेकर ग्रामीण प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
वहीं, HSVP अधिकारियों का कहना है कि करीब चार एकड़ जमीन सरकारी है और वहां अवैध अतिक्रमण किया गया था। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई से पहले पिछले करीब दो महीनों में कब्जाधारियों को कई बार बेदखली के नोटिस दिए गए थे। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद ही कार्रवाई की गई।

दूसरी ओर, तिजारा विधायक महंत बालकनाथ ने धार्मिक स्थल को करीब 100 से 150 वर्ष पुराना बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन मूल रूप से झाड़सा गांव की पंचायत की ओर से बाबा बालकनाथ आश्रम और पूजा-पाठ के लिए दान में दी गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों की ओर से निजी बिल्डरों और भू-माफिया के दबाव में कार्रवाई किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से कार्रवाई को सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया बताया गया है।
महापंचायत के संचालन और आगे की रणनीति तय करने के लिए ग्रामीणों ने 11 सदस्यीय विशेष कमेटी का गठन किया है। महापंचायत में सरकार के खिलाफ आंदोलन को आगे बढ़ाने, मलबे वाली जगह पर दोबारा धार्मिक स्थल के निर्माण और हिरासत में लिए गए संतों की रिहाई जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

इधर, सेक्टर-50 थाना प्रभारी इंदूबाला ने कहा कि फिलहाल क्षेत्र में किसी तरह का तनाव नहीं है और माहौल शांतिपूर्ण है। उन्होंने बताया कि HSVP की ओर से मलबा उठाने का काम किया जा रहा है और मौके पर पुलिस टीम मौजूद है। महापंचायत के दौरान भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
थाना प्रभारी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस के अनुसार उच्चाधिकारियों को क्षेत्र की ताजा स्थिति से अवगत करा दिया गया है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
Editor: शिवानी राजपूत



