यमुनानगर | युवा नशे से बचे और अपनी ऊर्जा का सकारात्मक प्रयोग करें : डीसी प्रीति
उपायुक्त प्रीति ने यमुनानगर में नशा मुक्त अभियान की समीक्षा की और युवाओं को नशे से बचने का संदेश दिया।

यमुनानगर | जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त प्रीति की अध्यक्षता में जिला सचिवालय सभागार में एक्शन प्लान को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य जिला को नशा मुक्त करना है। हरियाणा सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में यह मुहिम चलाई जा रही है जिसके तहत पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, ड्रग्स विभाग, शिक्षा विभाग, खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी अगले एक महीने का एक्शन प्लान तैयार कर समुचित कार्यवाही करें। उन्होंने बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नशे का कारोबार करने वालों पर कठोर कार्रवाई अमल में लाए और ऐसे क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जाए जहां पर नशीले पदार्थों की बिक्री की जाती हैं। हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा नशा करने वालों की पहचान करें ताकि हम नियमित रूप से उनका इलाज करवा सकें।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाए तथा युवाओं को जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जिसके उन्मूलन के लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा सामाजिक संगठनों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि सभी संबंधित विभाग तालमेल से नशे के विरुद्ध मुहिम चलाए तो अवश्य ही हम नशे जैसी बुराई पर काबू पा सकते हैं। यह सुनिश्चित करें कि जागरूकता शिविर में नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता रखने वाले अनुभवी सलाहकार को बुलाया जाए। विशेषकर युवा, बच्चे नशे का शिकार हो रहे हैं इसलिए नशे से दूर रहने के लिए विशेष अभियान चलाए। नशा करने से न केवल शरीर नष्ट होता है, बल्कि नशे से घर परिवार भी बर्बाद हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि खेल विभाग द्वारा युवाओं को खेल के प्रति जागरूक किया जाए जैसे कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, फुटबॉल आदि। खेलने से युवाओं का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वे नशे से दूर रहेंगे।
उपायुक्त ने कहा कि नशे को समाप्त करने के लिए हमें ऐसे उपाय खोजने होंगे, जिससे नशे के मरीज की जान भी बच जाए और नशा भी न फैलने पाए। हमें स्वयं आगे बढक़र नशे से पीडि़त व्यक्ति एवं उसके परिवार के सदस्यों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि नशे जैसी बुराई पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस विभाग के साथ-साथ शिक्षा विभाग का भी अहम योगदान होता है। यदि हम सभी मिलकर मुहिम के रूप में स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता शिविरों का आयोजन करें तो अवश्य ही हमारी युवा पीढ़ी नशे से बच सकती है। उन्होंने कहा कि नशे जैसी बुराई को समाप्त करने में हम सभी का सहयोग बहुत जरूरी है। यदि स्वास्थ्य व पीड़ित परिवार लाभान्वित होगा तो अवश्य ही नशे से पीड़ित व्यक्ति आगे आएंगे। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने नशे के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई कार्यवाहियों की सराहना की और भविष्य में भी औचक निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि युवा नशे से बचे और अपनी ऊर्जा का सकारात्मक प्रयोग करें।
पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने जानकारी देते हुए कहा कि नशे के कारोबारियों के विरुद्ध 25 केस रजिस्टर्ड किए गए है तथा 41 आरोपी पकड़े गए है और 10 मोस्ट वांटेंड को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि 10 हॉटस्पॉट क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है व 17 लोकेशनों पर क्राइम टीम द्वारा रेड की गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित थाने के एसएचओ अपने-अपने क्षेत्रों में चिन्हित व्यक्तियों की निगरानी रखे। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि गांवों और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाए। इसके साथ ही नशे की तस्करी और अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। थाना छप्पर के एक कमर्शियल क्वांटीटी एनडीपीएस एक्ट मामले में कन्विक्शन सुनिश्चित कराने पर एसआई रामकुमार तथा एसआई सोमनाथ को पुरस्कृत किया गया है। वहीं, एक अन्य मामले में उचित एवं प्रभावी जांच न किए जाने के कारण आरोपियों के बरी होने पर तीन पुलिस कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत कमर्शियल क्वांटिटी के 9 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त, अपराध एवं नशा तस्करी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में चलाए गए विशेष तलाशी एवं छापेमारी अभियान के दौरान 10 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा तथा लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा, डीएसपी रजत गुलिया, जगाधरी के एसडीएम विश्वनाथ, छछरौली के एसडीएम जसपाल सिंह गिल, डीडीपीओ नरेन्द्र सिंह, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार, जिला जेल अधीक्षक सत्येंद्र कुमार, सीएमओ डॉ.दिव्या मंगला, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लता, जिला खेल अधिकारी शिल्पा गुप्ता, जिला उच्च शिक्षा अधिकारी सुमन भाटिया सहित पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



