नारनौल | 13 दिन बाद डीडीपीओ प्रमोद कुमार बहाल : स्वास्थ्य मंत्री की सिफारिश पर हुए थे निलंबित | जनप्रतिनिधियों के आंदोलन के बाद सरकार ने चरखी दादरी में सौंपी नई जिम्मेदारी
हरियाणा सरकार ने डीडीपीओ प्रमोद कुमार को 13 दिन बाद बहाल किया। जानें इस निर्णय के पीछे की कहानी और पंचायत प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया।

नारनौल | करीब दो सप्ताह तक पूरे हरियाणा, विशेषकर महेंद्रगढ़ जिले की पंचायत राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बने डीडीपीओ प्रमोद कुमार को आखिरकार हरियाणा सरकार ने बड़ी राहत दे दी। विकास एवं पंचायत विभाग ने गुरुवार को आदेश जारी कर उन्हें निलंबन से बहाल करते हुए तत्काल प्रभाव से चरखी दादरी का जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) नियुक्त कर दिया। हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच पूर्ववत जारी रहेगी और बहाली का उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार के इस फैसले के बाद जिलेभर में पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों, चौकीदारों, पंचायत समिति सदस्यों और पंचायती राज विभाग से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। 
पूरा घटनाक्रम 9 जून 2026 को शुरू हुआ, जब स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव नारनौल स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिले के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ले रही थीं। बैठक में डीडीपीओ प्रमोद कुमार निर्धारित समय से देरी से पहुंचे। आरोप था कि विकास कार्यों से संबंधित कई महत्वपूर्ण फाइलें और प्रगति रिपोर्ट भी पूरी तरह तैयार नहीं थीं। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों के समक्ष इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना और तत्काल उनके निलंबन की सिफारिश सरकार को भेजने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा था कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करें।
स्वास्थ्य मंत्री की सिफारिश के बाद विकास एवं पंचायत विभाग ने 26 जून 2026 को प्रमोद कुमार को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश सामने आते ही यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण संगठनों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के इतनी बड़ी कार्रवाई उचित नहीं है। उनका तर्क था कि प्रमोद कुमार के कार्यकाल में पंचायतों के विकास कार्यों को गति मिली और अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ। 
निलंबन के विरोध में जिलेभर के पंचायत प्रतिनिधि एक मंच पर आ गए। पंचायत भवन से नारनौल लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद प्रतिनिधि, चौकीदार संगठन, सफाई कर्मचारी संगठन तथा ग्रामीण इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीडीपीओ प्रमोद कुमार की तत्काल बहाली की मांग उठाई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम संबोधित ज्ञापन सीटीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यदि बिना निष्पक्ष जांच के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी तो पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित होंगे। साथ ही सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए प्रमोद कुमार को शीघ्र बहाल करने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के बाद भी पंचायत प्रतिनिधियों ने लगातार सरकार के समक्ष अपनी बात रखी। विभिन्न संगठनों ने प्रेस वार्ताएं कीं और कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पंचायत व्यवस्था और विकास कार्यों का मुद्दा है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना था कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, लेकिन किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी तथ्यों और निष्पक्ष जांच के आधार पर ही होनी चाहिए।
करीब 13 दिन तक चले इस पूरे घटनाक्रम के बाद गुरुवार को हरियाणा सरकार ने प्रमोद कुमार को बहाल करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश के अनुसार उन्हें चरखी दादरी में रिक्त डीडीपीओ पद पर नियुक्त किया गया है। सरकार के इस फैसले को पंचायत प्रतिनिधियों ने सकारात्मक निर्णय बताते हुए स्वागत किया।
बहाली के बाद पंचायत समिति एसोसिएशन जिला महेंद्रगढ़ के प्रधान कर्मपाल यादव ने कहा कि सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए उचित निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अब पंचायतों के विकास कार्यों में फिर से तेजी आएगी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
इस अवसर पर प्रवीन सरपंच (माजरा) एवं हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के उपाध्यक्ष, सरपंच एसोसिएशन निजामपुर के अध्यक्ष विक्रम, निजामपुर पंचायत समिति चेयरमैन विनोद, पंचायत समिति चेयरमैन नारनौल पंकज यादव, पंचायत समिति चेयरमैन सिहमा राजकुमार, पंचायत समिति चेयरमैन अटेली राजेंद्र यादव, नांगल चौधरी सरपंच एसोसिएशन के प्रधान धर्मपाल रावत सहित जिले के विभिन्न गांवों के पंच, सरपंच, पंचायत समिति डेलीगेट, चौकीदार, सफाई कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि, ग्रामीण तथा बड़ी संख्या में पंचायती राज विभाग से जुड़े लोगों ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया। सभी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव तथा हरियाणा सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने समय रहते सकारात्मक निर्णय लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब पंचायतों के विकास कार्य और अधिक गति से आगे बढ़ेंगे तथा प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।



