नूंह। केएमपी एक्सप्रेसवे ने हरियाणा पुलिस से छीन लिए दो जांबाज़ : इलाज के दौरान एएसआई मुकेश फोगाट ने भी तोड़ा दम
हरियाणा पुलिस के दो जवान केएमपी एक्सप्रेसवे पर एक सड़क हादसे में शहीद हो गए। इस घटना ने पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ा दी है।

नूंह। जिले से गुजर रहे कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर गोयला गांव के पास ड्यूटी के दौरान हुए भीषण हादसे ने हरियाणा पुलिस को गहरा जख्म दिया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल ईएसआई/हेड कांस्टेबल मुकेश फोगाट (बेल्ट नंबर 126/नूंह) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी हादसे में सिपाही गिरीश कुमार मौके पर ही शहीद हो गए थे। कुछ ही पलों में हरियाणा पुलिस ने अपने दो जांबाज़ जवान खो दिए।
जानकारी के अनुसार पुनहाना सीआईए की टीम गोतस्करी से जुड़े गौवंश से भरे एक कैंटर को पकड़कर उस पर कानूनी कार्रवाई कर रही थी। कैंटर में तकनीकी खराबी आने के कारण उसे केएमपी एक्सप्रेसवे पर सड़क किनारे खड़ा करना पड़ा। पुलिसकर्मी वाहन की निगरानी में तैनात थे कि तभी पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने कैंटर में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि सिपाही गिरीश कुमार ट्रक की चपेट में आ गए और मौके पर ही शहीद हो गए। वहीं ईएसआई मुकेश फोगाट गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
शहीद ईएसआई मुकेश फोगाट, राम सिंह के पुत्र थे। उनका जन्म 26 दिसंबर 1972 को फरीदाबाद जिले के फतेहपुर बिल्लोच गांव में हुआ था। उन्होंने 28 अक्टूबर 1991 को हरियाणा पुलिस में भर्ती होकर करीब 35 वर्षों तक सेवा दी। उनके निधन से परिवार और पुलिस विभाग दोनों में शोक की लहर है।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गोतस्करी से जुड़े कैंटर से 15 गौवंश को सुरक्षित मुक्त कराया और कैंटर चालक रानू सिंह, निवासी उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया। वहीं हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने गोतस्करी और सड़क हादसे को लेकर दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार ट्रक चालक की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
दो पुलिस जवानों की शहादत ने पूरे हरियाणा पुलिस महकमे को गमगीन कर दिया है। ड्यूटी निभाते हुए दिए गए इस सर्वोच्च बलिदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।



