फरीदाबाद | फर्जी CBI अधिकारी बनकर रुपये 8.22 लाख की साइबर ठगी : USDT में कन्वर्ट कर विदेश भेजी रकम | साइबर थाना NIT ने एक आरोपी को दबोचा

रिपोर्टर: धर्मेंद्र यादव
| फरीदाबाद

फरीदाबाद | फर्जी CBI एवं पुलिस अधिकारी बनकर रुपये 8,22,500 की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना NIT, फरीदाबाद की टीम ने 24 जून को एक आरोपित को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान राहुल अवस्थी निवासी मोहल्ला सराय, कोटपुतली, राजस्थान, हाल निवासी उत्तम नगर, दिल्ली के रूप में हुई है। जिसको न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया है |

पुलिस प्रवक्ता अनुसार जवाहर कॉलोनी, NIT फरीदाबाद निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि 29 अप्रैल 2025 को उनके मोबाइल नंबर पर एक कथित TRAI अधिकारी की कॉल आई। जिसने बताया कि शिकायतकर्ता के नाम पर एक अवैध SIM कार्ड जारी है और इस संबंध में मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज है। इसके बाद एक WhatsApp कॉल के माध्यम से संपर्क स्वयं को कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताते हुये कहा कि उनका मामला CBI को स्थानांतरित कर दिया गया है।

इसके पश्चात शिकायतकर्ता से स्वयं को CBI अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने लगातार WhatsApp के माध्यम से संपर्क बनाए रखा और कहा कि शिकायतकर्ता के नाम पर केनरा बैंक खाते से जुड़ा डेबिट कार्ड एक कथित आरोपी नरेश गोयल को बेचा गया है, जो करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में वांछित है। ठगों ने शिकायतकर्ता को फर्जी दस्तावेज और फोटो भेजकर डर का माहौल में रखा और ठगों ने शिकायतकर्ता से उनके बैंक खातों की जानकारी प्राप्त कर यह कहकर विश्वास में लिया कि उनके खातों की “Fund Legalisation” RBI द्वारा की जाएगी। इसके लिए शिकायतकर्ता को अपने बैंक खाते की 95 प्रतिशत राशि एक निर्दिष्ट खाते में जमा कराने के लिये कहा गया।

पुलिस कार्रवाई के भय और आरोपियों की बातों में आकर शिकायतकर्ता ने 03 मई 2025 को कुल रुपये 8,22,500/- रुपये स्थानांतरित कर दिये। बाद में शिकायतकर्ता को अहसास हुआ कि उनके साथ फर्जी CBI एवं पुलिस अधिकारी बनकर साइबर ठगी की गई है। जिस शिकायत के आधार पर साइभर थाना NIT में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

जांच में सामने आया कि आरोपित राहुल अवस्थी टेलीग्राम के माध्यम से ठगो के संपर्क में था। उसने ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से अपना खाता ठगों को उपलब्ध करा रखा था। उसके खाते में ठगी की रकम में से रुपये 70,000 प्राप्त हुए थे। वह द्वितीय लेयर (Second Layer) का बैंक खाताधारक है। आरोपित मेडिकल स्टोर पर दवाइयों की सप्लाई का कार्य करता है

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित के इस खाता में गुड़गांव, कर्नाटक, हैदराबाद के अन्य चार मामलों में ठगी के रुपये 200000 से अधिक की राशि प्राप्त हुई है।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ठगी की कुल राशि रुपये 8,22,500 को साइबर ठगों ने पहले 14 अलग-अलग बैंक खातों में प्राप्त किया। उसके बाद इस धनराशि को द्वितीय लेयर (Second Layer) में विभिन्न अन्य खातों में स्थानांतरित किया गया था।

Edit By: शिवानी राजपूत
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