रेवाड़ी | सरसों तौल में हाईटेक ठगी का खुलासा : पैर में ‘मैजिक चिप’ लगाकर करता था वजन कम | किसान की सूझबूझ से पकड़ा गया व्यापारी
रेवाड़ी | जिले के बाव्वा गांव में सरसों खरीद के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यापारी पर हाईटेक तरीके से किसानों को चूना लगाने का आरोप लगा। किसान की सतर्कता और सूझबूझ के चलते कथित तौर पर पैरों में ‘मैजिक चिप’ लगाकर वजन में हेराफेरी करने वाले व्यापारी […]

रेवाड़ी | जिले के बाव्वा गांव में सरसों खरीद के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यापारी पर हाईटेक तरीके से किसानों को चूना लगाने का आरोप लगा। किसान की सतर्कता और सूझबूझ के चलते कथित तौर पर पैरों में ‘मैजिक चिप’ लगाकर वजन में हेराफेरी करने वाले व्यापारी का भंडाफोड़ हो गया। मामले के सामने आने के बाद गांव में भारी रोष देखने को मिला और ग्रामीणों ने मौके पर ही व्यापारी को घेर लिया।

सरसों तौल में कथित गड़बड़ी पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने व्यापारी को घेरकर किया विरोध।
जानकारी के अनुसार बाव्वा गांव निवासी किसान चंद्रहास ने अपनी सरसों का सौदा छिथरोली निवासी व्यापारी दलवीर सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह के साथ 6500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से तय किया था। शुरुआत में तौल सामान्य दिखाई दी, लेकिन कुछ कट्टों के बाद किसान को वजन में गड़बड़ी का शक होने लगा। आरोप है कि व्यापारी हर कट्टे में करीब 5 से 6 किलो तक की हेराफेरी कर रहा था।
जब कुल 26 कट्टों की तौल पूरी हुई तो किसान चंद्रहास का शक गहरा गया। किसान ने तुरंत गांव से दूसरा कांटा मंगवाया और सभी कट्टों का दोबारा वजन कराया। दोबारा तौल में जो सामने आया उसने सभी को चौंका दिया। बताया गया कि केवल 26 कट्टों में ही करीब 1 क्विंटल सरसों कम निकली, जिससे कथित ठगी का खुलासा हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार जब व्यापारी दलवीर सिंह को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपनी करतूत स्वीकार कर ली। आरोप है कि व्यापारी ने अपने पैर में एक विशेष ‘मैजिक चिप’ लगा रखी थी, जिसके जरिए वह वजन कम कर देता था और किसानों को नुकसान पहुंचाता था। इस खुलासे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
गांव के लोगों ने व्यापारी को जमकर खरी-खोटी सुनाई और सामाजिक स्तर पर फैसला करते हुए उस पर जुर्माना लगाया। ग्रामीणों ने व्यापारी से गांव के चार मंदिरों के नाम पर 22 हजार रुपये की रसीद कटवाई। पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और किसान इस तरह की तौल व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।



