नांगल चौधरी | गवर्नमेंट आईटीआई शाहबाज़पुर में शीट मेटल के छात्रों ने बनाई शानदार बोट : प्रिंसिपल छत्रपाल यादव ने हुनर को सराहा
नांगल चौधरी | राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शाहबाज़पुर के शीट मेटल विभाग के छात्रों ने अपनी तकनीकी कुशलता और कड़ी मेहनत का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। संस्थान के अनुभवी इंस्ट्रक्टर अरुण कुमार और इंस्ट्रक्टर सुनील कुमार के संयुक्त मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने शीट मेटल यानी लोहे की चादर का उपयोग करके एक अत्यंत आकर्षक […]

नांगल चौधरी | राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शाहबाज़पुर के शीट मेटल विभाग के छात्रों ने अपनी तकनीकी कुशलता और कड़ी मेहनत का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।
संस्थान के अनुभवी इंस्ट्रक्टर अरुण कुमार और इंस्ट्रक्टर सुनील कुमार के संयुक्त मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने शीट मेटल यानी लोहे की चादर का उपयोग करके एक अत्यंत आकर्षक और जीवंत बोट मॉडल का सफलतापूर्वक निर्माण किया है। इस भव्य प्रोजेक्ट के पूरा होने पर संस्थान में उत्साह का माहौल है।

छात्रों द्वारा हाथों से बनाई गई बोट का फोटो
इस विशेष प्रोजेक्ट के सफल समापन पर संस्थान के प्रिंसिपल छत्रपाल यादव ने शीट मेटल शॉप का दौरा किया। उन्होंने वहां प्रदर्शित की गई सुंदर बोट का बारीकी से निरीक्षण किया और इसे बनाने वाले छात्रों व उनके मार्गदर्शक इंस्ट्रक्टर्स की टीम की पीठ थपथपाई।
प्रिंसिपल छत्रपाल यादव ने कहा आज का औद्योगिक युग पूरी तरह से प्रैक्टिकल ज्ञान पर निर्भर है। शीट मेटल विभाग के छात्रों द्वारा तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट साबित करता है कि हमारे युवा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उद्योगों की आधुनिक और व्यावहारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह सक्षम हो रहे हैं।”
वर्कशॉप की मुख्य टेबल पर सजाई गई यह नीले और काले रंग की बोट अपनी फिनिशिंग और डिजाइन के कारण हर किसी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस मॉडल पर गर्व से लहराता हुआ भारतीय तिरंगा छात्रों की देशभक्ति के जज्बे और उनके कौशल को और भी अधिक निखार रहा है।

छात्रों के साथ ITI के प्रिंसिपल छत्रपाल यादव और संस्थान के स्टाफ फोटो।
इंस्ट्रक्टर अरुण और सुनील ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को बनाने के दौरान छात्रों ने मेटल कटिंग, रोलिंग, बेंडिंग और वेल्डिंग जैसी जटिल तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया है, जो भविष्य में उन्हें रोजगार दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।
सुरक्षा मानकों का पालन प्रोजेक्ट के दौरान छात्रों ने वर्कशॉप के नियमों जैसे वियर गॉगल्स और सुरक्षा उपकरणों का पूरी तरह पालन करते हुए हैवी मशीनों को ऑपरेट करना सीखा।
यह प्रोजेक्ट ‘स्किल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ मिशन का जीवंत उदाहरण है, जो साबित करता है कि कौशल बलम् — हुनर ही युवाओं की असली ताकत है।



