नूंह | घायल महिला को नहीं मिला स्ट्रेचर : डायल-112 पुलिसकर्मियों ने उठाकर पहुंचाया इमरजेंसी | वीडियो वायरल होने पर अस्पताल प्रशासन घिरा

नूंह। सिविल अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां घायल महिला को इलाज से पहले स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हुआ। मजबूरी में डायल-112 की महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए घायल महिला को हाथ-पैर से उठाकर इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवालों की बौछार शुरू हो गई। लोग पूछ रहे हैं कि जब जिला मुख्यालय के अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिल रहा, तो ग्रामीण क्षेत्रों की हालत कैसी होगी?
मंगलवार सुबह शहर थाना क्षेत्र के गांव शाहपुर नंगली निवासी फरीदा अपने मायके पहुंची थी। आरोप है कि घर का दरवाजा खोलते ही परिवार के कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया और बेरहमी से मारपीट कर घायल कर दिया। सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और महिला को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाकर तत्काल सिविल अस्पताल लेकर आई।
लेकिन अस्पताल पहुंचने पर पुलिसकर्मियों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई। गंभीर हालत में तड़प रही महिला के लिए स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। इलाज में देरी न हो, इसलिए पुलिसकर्मियों ने खुद महिला को हाथ और पैरों से उठाया और इमरजेंसी कक्ष तक लेकर पहुंचे। यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मरीजों को बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं मिल पा रहीं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिसकर्मी इंसानियत न दिखाते, तो घायल महिला को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ती।
वहीं, शहर थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि महिला की ओर से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं सिविल सर्जन डॉक्टर ज्योत्सना ने कहा कि वे इस मामले को चेक कराएंगी और कमी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



