निजामपुर |सरहद के प्रहरी अब गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रहरी: सेवानिवृत्त कैप्टन युद्धवीर सिंह यादव की अनूठी मिसाल

निजामपुर | भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन युद्धवीर सिंह यादव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सच्चा सैनिक वर्दी उतारने के बाद भी राष्ट्र और समाज की सेवा करना नहीं छोड़ता।

दक्षिण हरियाणा के अंतिम छोर पर बसे गांव मौखुता में उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से गौशाला की शुरुआत कर निराश्रित गौवंश की सेवा का बीड़ा उठाया है। इस पुनीत कार्य में गांव के सरपंच निहाल सिंह का विशेष योगदान रहा। 
देश की सीमाओं पर वर्षों तक मातृभूमि की रक्षा करने वाले कैप्टन युद्धवीर सिंह यादव अब समाज और प्रकृति की रक्षा के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। गौशाला के माध्यम से बेसहारा गायों को आश्रय, चारा और देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। ग्रामीणों ने भी इस पहल का खुलकर समर्थन किया है और इसे पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी कदम बताया है। 
कैप्टन युद्धवीर सिंह यादव ने बताया कि 30 जुलाई से शुरू होने वाले सावन माह में वे 1100 पौधे लगाने का संकल्प पूरा करेंगे। उनका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना और गांव को अधिक हराभरा बनाना है। उन्होंने लोगों से भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि आज समाज को ऐसे ही लोगों की आवश्यकता है, जो निस्वार्थ भाव से सेवा के कार्य करें। कैप्टन युद्धवीर सिंह यादव का यह अभियान गौ संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। 
कार्यक्रम में कैप्टन युद्धवीर सिंह, इंद्राज सिंह डीपी, भूप सिंह, रामकृष्ण आर्य, बाबूलाल यादव, छोटूराम, पवन कुमार, सोहनलाल चौधरी, अशोक कुमार, लालचंद यादव, सुरेंद्र कुमार यादव, रणवीर सिंह यादव, धर्म सिंह, श्योताज सिंह, वीर सिंह सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे।



