ज़िला
नारनौल। भारत रत्न की मांग ने दक्षिण हरियाणा की राजनीति में छेड़ी नई बहस : राव बिरेंद्र सिंह के नाम से उठी मांग के बीच राव तुलाराम को लेकर उठे सवाल
नारनौल। हरियाणा के नारनौल में आयोजित एक प्रेस वार्ता ने दक्षिण हरियाणा की राजनीति का केंद्र बदल दिया। पूर्व व्यापार मंडल प्रधान वैद्य किशन वशिष्ठ ने स्वयं को राव परिवार का शुभचिंतक और अनुयायी बताते हुए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राव बिरेंद्र सिंह को मरणोपरांत भारत रत्न दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राव बिरेंद्र सिंह ने हरियाणा के निर्माण, प्रदेश के विकास और देश की राजनीति में उल्लेखनीय योगदान दिया है। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने हरियाणा की विकास यात्रा को दिशा दी और बाद में केंद्र सरकार में कृषि, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। इसलिए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
प्रेस वार्ता में यह मांग सामने आते ही राजनीतिक चर्चा का रुख अचानक बदल गया। पत्रकारों ने सवाल उठाया कि यदि मरणोपरांत भारत रत्न की मांग की जा रही है तो फिर 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक शहीद-ए-आज़म राव तुलाराम के लिए यह मांग पहले क्यों नहीं उठाई गई। इस प्रश्न के जवाब में वैद्य किशन वशिष्ठ ने कहा कि “दोनों को ही भारत रत्न मिलना चाहिए।” लेकिन इस एक सवाल और उसके जवाब ने दक्षिण हरियाणा की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया।

स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानायक राव तुलाराम
दरअसल, दक्षिण हरियाणा की राजनीति में दशकों से राव तुलाराम की विरासत एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक आधार रही है। चुनावी सभाओं से लेकर सरकारी कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों तक राव तुलाराम के संघर्ष और बलिदान का उल्लेख लगातार होता रहा है। यही कारण है कि जैसे ही राव बिरेंद्र सिंह के लिए भारत रत्न की मांग सामने आई, वैसे ही यह सवाल भी उठने लगा कि जिस महानायक के नाम पर वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक सम्मान व्यक्त किया जाता रहा है, उनके लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान की संगठित मांग पहले क्यों नहीं उठी।
खास बात यह रही कि दक्षिण हरियाणा की राजनीति में लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक विमर्श का केंद्र रहे शहीद-ए-आज़म राव तुलाराम के बजाय इस बार भारत रत्न की मांग का फोकस सीधे स्वर्गीय राव बिरेंद्र सिंह पर रहा। राजनीतिक गलियारों में यही बदलाव सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्र में यह सवाल उठाया जा रहा है कि जिस राव तुलाराम की विरासत को दशकों से राजनीतिक मंचों, सामाजिक कार्यक्रमों और चुनावी सभाओं में प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाता रहा, भारत रत्न की मांग की शुरुआत उनके बजाय अचानक राव बिरेंद्र सिंह के नाम से क्यों की गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव ने दक्षिण हरियाणा की राजनीति में एक नए विमर्श को जन्म दे दिया है। हालांकि प्रेस वार्ता के दौरान जब मीडिया ने राव तुलाराम को लेकर सवाल किया, तब वैद्य किशन वशिष्ठ ने कहा कि “दोनों को ही भारत रत्न मिलना चाहिए।” इसके बावजूद भारत रत्न की मांग का शुरुआती फोकस राव तुलाराम से हटकर राव बिरेंद्र सिंह पर होना अब क्षेत्र की राजनीति में चर्चा और विश्लेषण का विषय बना हुआ है।

पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह
इतिहास भी इस बहस को नया आयाम देता है। भारत रत्न की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी, लेकिन यह सम्मान केवल जीवित व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहा। देश की कई महान विभूतियों को उनके निधन के दशकों बाद मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान किया गया। सरदार वल्लभभाई पटेल का निधन 1950 में हुआ, लेकिन उन्हें 1991 में भारत रत्न मिला। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का निधन 1956 में हुआ और उन्हें 1990 में यह सम्मान प्रदान किया गया। महान शिक्षाविद एवं स्वतंत्रता सेनानी पंडित मदन मोहन मालवीय का निधन 1946 में हुआ था, जबकि उन्हें वर्ष 2015 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इन उदाहरणों के आधार पर अब यह तर्क भी सामने आ रहा है कि यदि इन राष्ट्रीय विभूतियों को वर्षों बाद सर्वोच्च सम्मान मिल सकता है तो 1857 की क्रांति के महानायक राव तुलाराम के नाम पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
राव तुलाराम केवल दक्षिण हरियाणा के नहीं बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानायकों में गिने जाते हैं। उन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया, नसीबपुर के ऐतिहासिक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विदेशी शक्तियों से भी अंग्रेजों के खिलाफ समर्थन जुटाने का प्रयास किया। इतिहासकार उन्हें 1857 की क्रांति के सबसे प्रभावशाली सैन्य नेताओं में शामिल करते हैं। यही वजह है कि उनकी विरासत आज भी दक्षिण हरियाणा की सामाजिक और राजनीतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

नारनौल में प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया के साथी
दूसरी ओर, राव बिरेंद्र सिंह का राजनीतिक जीवन भी हरियाणा के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया और बाद में केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व संभालते हुए राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उनके समर्थकों का कहना है कि उनके प्रशासनिक योगदान और सार्वजनिक जीवन को देखते हुए उन्हें भी भारत रत्न का पात्र माना जाना चाहिए।
नारनौल की इस प्रेस वार्ता के बाद अब बहस केवल एक व्यक्ति को भारत रत्न देने तक सीमित नहीं रह गई है। चर्चा इस बात पर केंद्रित हो गई है कि दक्षिण हरियाणा की राजनीति में जिन ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का दशकों से उल्लेख होता रहा है, उनके योगदान को राष्ट्रीय सम्मान के संदर्भ में किस प्राथमिकता से देखा जाना चाहिए। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि वैद्य किशन वशिष्ठ ने स्वयं को राव परिवार का शुभचिंतक और अनुयायी बताते हुए यह मांग उठाई, जिससे इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक दृष्टि से भी देखा जा रहा है।
नारनौल। महेंद्रगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई : भारी मात्रा में अवैध देशी-अंग्रेजी शराब बरामद | स्विफ्ट कार सहित आरोपी गिरफ्तार
नारनौल | विधायक ओमप्रकाश यादव ने दो बूंद जिंदगी की पिलाकर पल्स पोलियो अभियान का किया शुभारंभ : 0 से 5 वर्ष के सभी बच्चों को खुराक दिलाने की अपील
नारनौल | भीषण गर्मी में नवयुवक मंडल ने बांटी आइसक्रीम : दिया सेवा और मानवता का संदेश
-
नांगल चौधरी5 days agoनांगल चौधरी | खेत में बने बंद कुएं में गिरने से व्यक्ति की मौत : नांगल चौधरी क्षेत्र में दर्दनाक हादसा
-
नारनौल4 days agoनारनौल | मंजीत मंडाना के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता का भव्य स्वागत : सैकड़ों युवाओं संग निकली साइकिल यात्रा
-
हरियाणा6 days agoपलवल | दहेज प्रताड़ना का आरोप : विवाह के बाद रुपये 7 लाख देने का दावा | अब खाने-पीने और वेतन का भी मांगा जा रहा हिसाब
-
निजामपुर7 hours agoनिजामपुर | प्रकृति संरक्षण के योद्धाओं का हुआ सम्मान : 26 गांवों के 62 पर्यावरण प्रहरियों को मिला सम्मान
-
निजामपुर5 days agoनिजामपुर | खंड कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर राजकुमार बिगोपुर का स्वागत : कार्यकर्ताओं ने बांटे लड्डू
-
हरियाणा1 day agoरेवाड़ी | चेक बाउंस मामले में अदालत से घोषित उद्घोषित अपराधी गिरफ्तार : पीओ स्टाफ की कार्रवाई
-
नांगल चौधरी5 days agoनांगल चौधरी | 24 गांवों में मतदाता पुनरीक्षण अभियान तेज : 25 जून तक गणना प्रपत्र जमा कराने की अपील
-
हरियाणा5 days agoरेवाड़ी | भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता का प्रथम आगमन : गणपति गार्डन में भव्य स्वागत समारोह