मंडी अटेली | राता कला में कृषि बिजली कटौती से किसान परेशान : रात्रि सप्लाई बहाल करने की मांग तेज
मंडी अटेली | क्षेत्र के गांव राता कला में कृषि लाइन की बिजली कटौती की समस्या से ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अलग-अलग शेड्यूल में बिजली सप्लाई दिए जाने से ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है। गांव के किसान भरपूर ने बताया कि दिन का […]

मंडी अटेली | क्षेत्र के गांव राता कला में कृषि लाइन की बिजली कटौती की समस्या से ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अलग-अलग शेड्यूल में बिजली सप्लाई दिए जाने से ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
गांव के किसान भरपूर ने बताया कि दिन का शेड्यूल सुबह साढ़े बजे से शाम साढ़े छह बजे तक है, जबकि रात्रि शेड्यूल दो बजे से सुबह साढ़े 10 बजे तक निर्धारित है। इस व्यवस्था के कारण खेतों में रहने वाले किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जब दिन के शेड्यूल के अनुसार तीन दिन तक बिजली सप्लाई दी जाती है, तो रात में करीब 12 बजे पेट ट्रांसफार्मर की लाइन भी बंद कर दी जाती है। इससे घरों में अंधेरा छा जाता है और भीषण गर्मी में लोगों को रात गुजारना मुश्किल हो जाता है।
इनवर्टर भी सीमित समय तक ही कूलर और पंखे चला पाते हैं, जिसके बाद पूरी रात लोग गर्मी और मच्छरों से परेशान रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थिति में छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब कृषि लाइन की सप्लाई रात में बंद रहती है, उस समय घरेलू सिंगल फेज सप्लाई पूरी रात चालू रखी जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह राता ने भी बिजली कटौती पर चिंता जताते हुए कहा कि किसान दिनभर खेतों में मेहनत करते हैं, लेकिन रात्रि में बिजली नहीं मिलने से उनकी परेशानियां बढ़ जाती हैं। उन्होंने विभाग से रात्रि सप्लाई बहाल करने की मांग की।
बिजली विभाग के एसडीओ दीपक कुमार ने बताया कि ट्यूबवेल लाइनों को तीन ग्रुप में बांटकर प्रत्येक को आठ-आठ घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है। उन्होंने कहा कि शेड्यूल में बदलाव करने पर कुछ उपभोक्ताओं को नुकसान हो सकता है, इसलिए फिलहाल रिवाइज करना संभव नहीं है।



