नारनौल | भू-राजस्व व्यवस्था को पूरी तरह कागज रहित बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार की पहल : राजस्व अधिकारियों की कार्यकुशलता का अब सिस्टम करेगा मूल्यांकन
नारनौल | हरियाणा सरकार ने भू-राजस्व व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भू-अभिलेख विभाग के निदेशक यशपाल यादव ने कहा कि आगामी एक वर्ष के भीतर राजस्व विभाग का कोई भी कार्य मैनुअल तरीके से नहीं होगा और पूरी व्यवस्था पेपरलेस प्रणाली पर आधारित होगी। लघु […]

नारनौल | हरियाणा सरकार ने भू-राजस्व व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भू-अभिलेख विभाग के निदेशक यशपाल यादव ने कहा कि आगामी एक वर्ष के भीतर राजस्व विभाग का कोई भी कार्य मैनुअल तरीके से नहीं होगा और पूरी व्यवस्था पेपरलेस प्रणाली पर आधारित होगी।

नारनौल में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने डिजिटल राजस्व सेवाओं और पारदर्शिता बढ़ाने पर मंथन किया।
लघु सचिवालय नारनौल में आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में निदेशक यशपाल यादव ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों को जमीन से जुड़े मामलों में त्वरित, पारदर्शी और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इस अवसर पर उपायुक्त अनुपमा अंजली भी मौजूद रहीं।
उन्होंने बताया कि राजस्व अधिकारियों को आधुनिक प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए डिजिटल उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सभी तहसील कार्यालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम सहित आधुनिक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। जिला महेंद्रगढ़ से उपकरणों की मांग प्राप्त हो चुकी है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
यशपाल यादव ने बताया कि आने वाले समय में राजस्व अधिकारियों की कार्यकुशलता का मूल्यांकन पूरी तरह सिस्टम आधारित होगा। अधिकारी द्वारा भरी गई सेल्फ अप्रेजल रिपोर्ट और उसके कार्य प्रदर्शन के आधार पर कंप्यूटर प्रणाली स्वतः 7.5 अंक देगी, जबकि शेष 2.5 अंक उपायुक्त के विवेकाधिकार में रहेंगे। उन्होंने कहा कि इससे विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी तथा मानवीय हस्तक्षेप कम होगा।
बैठक में नारनौल में चल रहे चकबंदी कार्य, रोवर आधारित सीमांकन की लंबित रिपोर्ट, पोर्टल पर दर्ज आवेदनों के निपटान, स्वतः नामांतरण, मानचित्र पोर्टल, सीएम विंडो और समाधान शिविर से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा की गई। इसके अलावा नव-नियुक्त पटवारियों के कार्य आवंटन और युवा आपदा मित्र कार्यक्रम की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
निदेशक ने अधिकारियों से पेपरलेस रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को लेकर फीडबैक भी लिया और निर्देश दिए कि राजस्व सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।
बैठक में एसडीएम महेंद्रगढ़ योगेश सैनी और एसडीएम नांगल चौधरी उदय सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। वहीं एसडीएम नारनौल अनिरुद्ध यादव, एसडीएम कनीना डॉ. जितेंद्र सिंह, डीएमसी रणवीर सिंह तथा नगराधीश डॉ. मंगलसेन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।



