ज़िला
दिल्ली | अवैध निर्माण पर सरकार का बड़ा प्रहार : बिना अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा बीमा | 6 दिन में 94 भवन ध्वस्त | 114 परिसर सीलबंद
दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित अतिथि गृहों, निजी चिकित्सालयों तथा अन्य व्यावसायिक भवनों पर अब सरकार शिकंजा कसने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को सार्वजनिक उपयोग वाली सभी इमारतों के लिए तृतीय पक्ष बीमा व्यवस्था अनिवार्य बनाने की संभावनाओं पर तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा और आम लोगों के जीवन व संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार जिन भवनों के पास स्वीकृत भवन मानचित्र अथवा अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं होगा, उन्हें तृतीय पक्ष बीमा नहीं मिल सकेगा। बीमा के अभाव में ऐसे अतिथि गृहों, निजी चिकित्सालयों, बाजार परिसरों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का संचालन कठिन हो जाएगा। सरकार का कहना है कि केवल अवैध निर्माण हटाना ही समाधान नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है जिससे भविष्य में भी नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
सरकार के अनुसार इस व्यवस्था से भवन मालिकों और संचालकों की जवाबदेही तय होगी। बिना वैध दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों के कोई भी भवन बीमा प्राप्त नहीं कर सकेगा। यदि किसी भवन में दुर्घटना होती है तो क्षतिपूर्ति का दायित्व सीधे संबंधित भवन स्वामी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आएगा। इससे आम नागरिकों की सुरक्षा को भी कानूनी मजबूती मिलेगी।
इधर अवैध निर्माणों के विरुद्ध राजधानी में संयुक्त अभियान भी लगातार जारी है। एक जून से छह जून के बीच विभिन्न विभागों द्वारा की गई कार्रवाई में 94 संपत्तियों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया, जबकि 114 परिसरों को सीलबंद कर उनके व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगा दी गई। इसके अलावा 84 कारण बताओ सूचना पत्र और 41 सीलबंदी सूचना पत्र जारी किए गए हैं। अवैध निर्माण को बढ़ावा देने वाले दोषी वास्तुकारों के विरुद्ध भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राजस्व विभाग ने राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में 124 स्थानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुरानी दिल्ली में ऐसे मामले सामने आए जहां अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र तो उपलब्ध था, लेकिन स्वीकृत भवन मानचित्र नहीं मिला। मामला आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया गया है।
दक्षिणी जिले में सबसे अधिक 30 परिसरों की जांच की गई, जिनमें 11 परिसरों को सीलबंद किया गया और 19 को सूचना पत्र जारी किए गए। बाहरी उत्तरी क्षेत्र में भवन निर्माण नियमों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर तीन अवैध इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया। वहीं उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, मध्य और नई दिल्ली क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में सीलबंदी और बंदी संबंधी कार्रवाई की गई।
सरकार का कहना है कि राजधानी में अवैध निर्माण, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और बिना अनुमति संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश | तीन मंजिला इमारत में भीषण आग : रेस्टोरेंट के किचन से उठीं लपटें | चार गैस सिलेंडर सुरक्षित निकाले गए
झारखंड | लोहे की प्लेटों से लदा ट्रक हादसे का शिकार : केबिन पर गिरीं भारी प्लेटें | तीन लोग गंभीर घायल
हिमाचल प्रदेश | सड़क धंसते ही खाई में समाया भारी ट्राला : चालक की दर्दनाक मौत | भतीजे को उतारकर बचाई जान
-
नांगल चौधरी5 days agoनांगल चौधरी | पत्नी और 15 वर्षीय बेटी की हत्या का मामला दर्ज : पति पर दोहरे हत्याकांड का आरोप | आरोपी फरार
-
नारनौल6 days agoनारनौल। क्या नगर परिषद की करोड़ों की जमीन पर डाका डालने की तैयारी : स्वामित्व योजना की फाइलों में अचानक आई रफ्तार से उठे बड़े सवाल
-
नारनौल5 days agoनारनौल। नगर परिषद नारनौल टेंडर का खेला : सरकारी खजाने पर डाका | 89 लाख की सड़क में 7 में से 5 फर्में बाहर | दो फर्म के टेंडर खोले और दोनों एक ही व्यक्ति की
-
अटेली3 days agoमहेंद्रगढ़ | थाना अटेली प्रभारी सज्जन कुमार बने निरीक्षक : एसपी दीपक ने लगाए स्टार | मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा का मिला सम्मान
-
नारनौल2 days agoनारनौल | सैनी समाज की सीएम से भेंट : नायब सिंह सैनी ने दी शुभकामनाएं | 8 जून के दौरे का दिया निमंत्रण
-
राष्टीय1 day agoनारनौल | अपराधियों पर कार्रवाई करने गई CIA टीम से दुर्व्यवहार: आखिर दोषियों पर कब चलेगा कानून का डंडा?
-
नांगल चौधरी6 days agoनांगल चौधरी | वीरांगना शिविर में पहुंचीं डॉ. स्वाति यादव : बेटियों को दिया स्वास्थ्य, सुरक्षा और संस्कारों का संदेश
-
नांगल चौधरी6 days agoनांगल चौधरी। गोमुख से सोमनाथ तक आस्था का अद्भुत संकल्प : हजारों किलोमीटर की पैदल गंगाजल यात्रा नांगल चौधरी पहुंची