ज़िला
फतेहाबाद | खाकी में हरियाली का प्रहरी : जब थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह ने सदर थाना को बना दिया ‘ग्रीन थाना’
फतेहाबाद | आमतौर पर पुलिस थानों की पहचान शिकायतों, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़ी होती है, लेकिन फतेहाबाद का सदर थाना इस परंपरागत छवि से अलग एक नई पहचान गढ़ रहा है। यहां कदम रखते ही लोगों का स्वागत खाकी वर्दी से पहले हरियाली करती है। पेड़ों की घनी छांव, पक्षियों की चहचहाहट और स्वच्छ वातावरण यह अहसास कराते हैं कि यह केवल थाना नहीं, बल्कि प्रकृति और सेवा भावना का जीवंत केंद्र है। इस बदलाव के पीछे हैं थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह, जिन्होंने अपने पर्यावरण प्रेम और मानवीय सोच से सदर थाना को ‘ग्रीन थाना’ का स्वरूप दे दिया है।
प्रहलाद सिंह बताते हैं कि पर्यावरण संरक्षण का उनका सफर एक छोटे से पौधे से शुरू हुआ था। उन्हें आज भी वह दिन याद है जब एक मित्र उन्हें पहली बार पौधारोपण के लिए अपने साथ लेकर गया था। उस दिन लगाया गया पौधा केवल मिट्टी में नहीं, बल्कि उनके मन में भी अंकुरित हो गया। तभी उन्होंने संकल्प लिया कि जहां भी उनकी तैनाती होगी, वहां हरियाली बढ़ाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
वर्षों की सेवा के दौरान हिसार, रोहतक और फतेहाबाद सहित विभिन्न स्थानों पर उन्होंने हजारों पौधे लगाए और लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। आज फतेहाबाद का सदर थाना उनकी इसी सोच का सजीव उदाहरण है। थाना परिसर में त्रिवेणी सहित अनेक छायादार और फलदार वृक्ष लगाए गए हैं। इन पौधों की नियमित देखभाल की जाती है, जिसके परिणामस्वरूप पूरा परिसर एक हरित उद्यान की तरह दिखाई देता है।
वे कहते हैं कि पौधे लगाना आसान है, लेकिन उन्हें वृक्ष बनाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसी सोच के कारण उनके द्वारा लगाए गए अधिकांश पौधे आज विशाल वृक्षों का रूप ले चुके हैं और लोगों को छाया, स्वच्छ हवा तथा सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। प्रहलाद सिंह की पर्यावरण के प्रति यह संवेदनशीलता उन्हें परिवार से विरासत में मिली है। वे अपने माता-पिता ओमप्रकाश और शांति देवी को इसका श्रेय देते हैं, जिन्होंने बचपन से ही उन्हें प्रकृति का महत्व समझाया। इस अभियान में उनकी पत्नी अनीला भी हर कदम पर उनका साथ देती हैं और उन्हें निरंतर प्रेरित करती रहती हैं
हालांकि प्रहलाद सिंह की पहचान केवल एक पर्यावरण प्रेमी अधिकारी तक सीमित नहीं है। सेवा और मानवता उनके जीवन के मूल मंत्र हैं। प्रत्येक शनिवार को श्रमिकों को भोजन कराना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। विशेष अवसरों पर वे गायों और बंदरों को भोजन कराकर सेवा कार्य करते हैं, जिसे वे आत्मिक संतोष का माध्यम मानते हैं।
पक्षियों के प्रति उनका प्रेम भी उल्लेखनीय है। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर पेड़ों पर जलपात्र लगाने और पक्षियों के लिए दाना-पानी की स्थायी व्यवस्था करने का अभियान चला रखा है। सदर थाना परिसर में भी पक्षियों के लिए विशेष जल एवं आहार व्यवस्था की गई है ताकि गर्मी के मौसम में उन्हें राहत मिल सके।
जरूरतमंदों की सहायता भी उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। सर्दियों में वे गरीब और असहाय लोगों को कंबल तथा जूते वितरित करते हैं। वहीं थाने में आने वाली वृद्ध महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को अपनी ओर से चाय और पानी पिलाना वे अपना नैतिक कर्तव्य मानते हैं। उनका मानना है कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता संवेदनशील व्यवहार और सम्मानजनक संवाद से ही मजबूत होता है।
वर्ष 2004 में पुलिस विभाग में पीएसआई के रूप में अपनी सेवा शुरू करने वाले प्रहलाद सिंह कानून-व्यवस्था को अपनी सर्वोच्च जिम्मेदारी मानते हैं। वे स्पष्ट शब्दों में कहते हैं, अपराध और अवैध गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर उन्हें कानून के दायरे में लाना मुझे विशेष संतोष देता है। मेरा प्रयास रहता है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत रहे और आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करें।
उनका मानना है कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देना और लोगों को अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित करना भी पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी है।
आज फतेहाबाद का सदर थाना यह संदेश दे रहा है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो खाकी वर्दी केवल कानून की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि पर्यावरण की संरक्षक और मानवता की सेवक भी बन सकती है। थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह का यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा और संवेदनशील पुलिसिंग का ऐसा उदाहरण है, जो समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।
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