नियम मानो तो सज़ा , नजरअंदाज करो तो मौज! : नारनौल प्रदूषण विभाग का खेला बेनकाब

रामचन्द्र सैनी
|
महेंद्रगढ़ (नारनौल )

नारनौल में प्रदूषण विभाग की कार्यशैली अब सवालों के घेरे में है। हैरानी से भरा मामला ऐसा सामने आया है, जिसने विभाग की नीतियों और कार्रवाई की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि यहां नियमों का पालन करने वाले होटल संचालकों को ही बार-बार नोटिस थमाए जा रहे हैं, जबकि नियमों की अनदेखी करने वालों पर विभाग मेहरबान बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 के नवम्बर माह में प्रदूषण विभाग ने नारनौल के 16 होटलों को नोटिस जारी किए थे। इन नोटिसों का उद्देश्य होटल संचालकों को पर्यावरण नियमों के तहत एनओसी लेने और मानकों का पालन सुनिश्चित करना था। इन 16 में से 10 होटल संचालकों ने विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए एनओसी हासिल की। बताया गया है कि इन होटल संचालकों ने एनओसी लेने की प्रक्रिया में लाखों रुपए शुल्क खर्च किए।

लेकिन अब हैरानी की बात यहीं से शुरू होती है। एनओसी लेने वाले इन 10 होटलों में से 7 होटल संचालकों को अप्रैल और मई 2025 माह में प्रदूषण विभाग के हेड ऑफ़िस से प्रदूषण कंपनसेशन विषय पर पर्सनल सुनवाई के लिए नोटिस भेजे जाते हैं। जिसकी पहली तारीख 6 मई 2025 निर्धारित की जाती है। फिर प्रदूषण विभाग का सुनवाई के दौरान ऐसा हैरतभरा खेला सामने आता है, जिसे देखकर नारनौल के उन सातों होटल संचालकों के उस फाख्ता हो जाते हैं, जिन्होने विभाग के नोटिस पर अमल करते हुए एनओसी ले ली थी।

प्रदूषण विभाग के मुख्यालय के अधिकारियों ने इन सातों होटल संचालकों को करीब एक करोड़ साठ लाख रुपए जमा करवाने  के लिए पर्यावरण कंपनसेशन असेसमेंट रिपोर्ट थमा दी। यह करोड़ों की असेसमेंट रिपोर्ट देखकर होटल वाले अपने आपको कोस रहे थे कि उन्होंने कहीं ना कहीं विभाग के नोटॉन्सन की पालना करके एनओसी लेकर गलती कर दी क्योंकि एनओसी लेने के बाद उन्हें विभाग मुख्यालय तक तलब कर रहा है जबकि नोटिसों को रद्दी की टोकरी में फेंकने वाले होटल संचालक निश्चित बैठे हैं। यानि जिन्होंने नियमों का पालन किया, वही अब विभागीय कार्रवाई का मुख्य निशाना बनते नजर आ रहे हैं।

वहीं दूसरी तरफ, बाकी 6 होटल संचालक, जिन्होंने न तो नोटिस का जवाब दिया और न ही एनओसी ली, उन पर आज तक किसी तरह की सख्त कार्रवाई सामने नहीं आई। न कोई जुर्माना, न दोबारा नोटिस, और न ही कोई दबाव। इतना ही नहीं मामला और भी गंभीर तब हो जाता है जब जिले के आंकड़ों पर नजर डालते हैं। महेंद्रगढ़ जिले में करीब 200 होटल संचालित हो रहे हैं, लेकिन नोटिस कार्रवाई केवल 16 तक सीमित रही।और अब उन 16 में से भी केवल 7 होटल ही विभाग की सख्ती झेल रहे हैं।

पूरे घटनाक्रम ने खड़े किए कई बड़े सवाल

प्रदूषण विभाग की इस कार्रवाई ने सवाल खड़े कर दिए हैं क्या कार्रवाई चयनात्मक है, नियमों का पालन करने वालों को ही बार-बार क्यों निशाना बनाया जा रहा है, जो होटल नोटिस तक का जवाब नहीं देते, उन पर विभाग क्यों खामोश है।

स्थानीय होटल संचालकों में इस कार्रवाई को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। उनका कहना है कि अगर नियम सबके लिए समान हैं, तो कार्रवाई भी समान होनी चाहिए। अन्यथा यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। नारनौल में प्रदूषण विभाग की यह चुनिंदा कार्रवाई अब प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल बनती जा रही है। यदि समय रहते इस पर उच्च स्तर पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो यह मामला न सिर्फ व्यापारियों के असंतोष को बढ़ाएगा, बल्कि सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

2023 में इन 16 होटल वालों को दिए थे नोटिस 

न्यू सिटी मैरिज पैलेस निजामपुर रोड, शुभम गार्डन निजामपुर रोड, होटल राव इस्टेट नियर टेलीफोन एक्सचेंज, सरस्वती गार्डन रेवाड़ी रोड, सीएल फार्म रेवाड़ी रोड, चांदनी मिडवे सिंघाना रोड, विलेज रिजॉर्ट रेवाड़ी रोड, आपार होटल रेवाड़ी रोड, होटल देव रेजिडेंसी सिंघाना रोड, ओम होटल निजामपुर रोड, आरआर होटल एंड टॉवर महेंद्रगढ़ रोड, पंजाबी स्वीट्स महावीर चौक, होटल सूर्या विलास रेवाड़ी रोड,  होटल रॉयल ट्यूलिप एंड रिजॉर्ट नियर कोरियावास रोड। इन 16 होटल में से 10 होटल संचालकों ने प्रदूषण विभाग के 2023 के नोटिस के अनुसार निक ले ली और उन 10 में से भी विभाग ने साथ होटल वालों को ही मुख्यालय तलब किया है बाकी निक तक नहीं लेने वाले होटल संचालकों पर प्रदूषण विभाग की मेहरबानी क्यों है यह बड़ा सवाल है।

क्या कहते हैं अधिकारी 

दूसरी तरफ इस मामले में प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी से इस मामले में जानकारी के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे फिलहाल कोर्ट में बिजी हैं बाद में बता सकते हैं। उसके बाद बार-बार संपर्क करने पर भी क्षेत्रीय अधिकारी का फोन रिसीव नहीं हुआ।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नांगल चौधरी | पिज्जा कैफे पर पुलिस की औचक छापेमारी, केबिन-पर्दे हटवाए : संचालकों को सख्त हिदायत

मंजीत सोनी
|
नांगल चौधरी क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए विभिन्न पिज्जा कैफे पर औचक छापेमारी की। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक के कड़े दिशा-निर्देशों पर उप-पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार के नेतृत्व में की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ क...
Continue Reading

नारनौल | जनगणना राष्ट्र निर्माण की नींव : डीसी अनुपमा अंजली ने प्रगणकों को किया प्रेरित | सटीक आंकड़ों पर टिकी योजनाओं की सफलता | स्व-गणना पोर्टल पर भागीदारी की अपील

रामचन्द्र सैनी
|
फोटो-पीजी कॉलेज में प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को प्रोत्साहित करती डीसी अनुपमा अंजली।
फोटो-पीजी कॉलेज में प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को प्रोत्साहित करती डीसी अनुपमा अंजली।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने स्थानीय पीजी कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान सुपरवाइजरों और प्रगणकों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना मात्र एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने सभी कर्मच...
Continue Reading

नारनौल | मध्यस्थता से मिलेगा सस्ता व त्वरित न्याय : सीजेएम ने एडीआर सेंटर में ली बैठक | मेडिएशन फॉर द नेशन अभियान को देने पर जोर

हरीसिंह
|
फोटो-बैठक लेती सीजेएम नीलम कुमारी।
फोटो-बैठक लेती सीजेएम नीलम कुमारी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने एडीआर सेंटर में मध्यस्थों, पैनल अधिवक्ताओं और कानूनी स्वयंसेवकों की बैठक लेकर ‘मेडिएशन फॉर द नेशन’ अभियान को गति देने के निर्देश दिए। सीजेएम नीलम कुमारी ने कहा कि मध्यस्थत...
Continue Reading
Advertisement

Trending

error: