नांगल चौधरी। सरस्वती स्कूल भोजावास में गूंजी बेटी शक्ति की हुंकार : 115 वीरांगनाओं के साथ आत्मरक्षा एवं चरित्र निर्माण शिविर का भव्य शुभारंभ
नांगल चौधरी। क्षेत्र के सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भोजावास में आर्य समाज नांगल चौधरी द्वारा आयोजित सात दिवसीय आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का रविवार को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। शिविर के पहले ही दिन 115 बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर प्रवेश लिया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और जोश का […]

नांगल चौधरी। क्षेत्र के सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भोजावास में आर्य समाज नांगल चौधरी द्वारा आयोजित सात दिवसीय आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का रविवार को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। शिविर के पहले ही दिन 115 बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर प्रवेश लिया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिला।

भोजावास के सरस्वती स्कूल में आर्य वीरांगना शिविर के शुभारंभ अवसर पर ओम ध्वज के साथ उपस्थित अतिथि, प्रशिक्षक और बालिकाएं।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य वंदना आर्य द्वारा ओम ध्वज फहराकर किया गया। ध्वजारोहण के साथ ही वातावरण “ॐ” और वैदिक मंत्रों की गूंज से भक्तिमय हो उठा। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का विधिवत उद्घाटन किया।

आत्मरक्षा और संस्कारों की शिक्षा लेने के लिए उत्साहपूर्वक भाग लेती बालिकाएं एवं शिविर का उद्घाटन करते गणमान्य अतिथि।
इस अवसर पर वंदना आर्य (प्राचार्य), अमित यादव, विद्यासागर जी, रामनिवास सरपंच, राजेश प्रिंसिपल, महात्मा राधेश्याम, डॉ. अमर सिंह महारानियां, राजकुमार प्रवक्ता, करण सिंह प्रवक्ता, देशराज सरपंच, अमर सिंह सरपंच, धर्मवीर आर्य (प्रधान, वेद प्रचार मंडल), जयवीर आर्य, वीरेंद्र आर्य तथा डॉ. रतीराम सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में बेटियों को केवल पढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और मजबूत चरित्र से भी सशक्त बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ रहे अपराधों और भटकाव से बचाने के लिए बेटियों को जागरूक, निडर और आत्मनिर्भर बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
मंच से जोरदार भाषणों के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बेटियों को ऐसी शिक्षा और प्रशिक्षण मिलना चाहिए जिससे वे किसी भी परिस्थिति में अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा स्वयं कर सकें। उन्होंने युवतियों को सतर्क रहने, आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने का संदेश दिया।
वक्ताओं ने कहा कि शिविर में आगामी 7 दिनों तक बालिकाओं को आत्मरक्षा के विशेष गुर, योग, व्यायाम, वैदिक संस्कार, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसी वीरांगनाएं तैयार करना है जो हर चुनौती का साहस के साथ सामना कर सकें।
शिविर के शुभारंभ पर उपस्थित लोगों ने आर्य समाज के इस प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान बेटियों को सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



