नांगल चौधरी | टोल पर फिर बवाल : ड्राइवर से मारपीट के आरोप के बाद जाम | पुलिस बनी तमाशबीन | आखिर कब रुकेगी टोल कर्मियों की कथित मनमानी
नांगल चौधरी | टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों के कारण सुर्खियों में है। एक ड्राइवर के साथ कथित मारपीट के आरोप के बाद गुस्साए वाहन चालकों ने टोल पर जाम लगा दिया और घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लंबे समय तक हालात काबू […]

नांगल चौधरी | टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों के कारण सुर्खियों में है। एक ड्राइवर के साथ कथित मारपीट के आरोप के बाद गुस्साए वाहन चालकों ने टोल पर जाम लगा दिया और घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लंबे समय तक हालात काबू में नहीं आ सके और वाहन चालक सड़क पर ही न्याय मांगते नजर आए।

नांगल चौधरी टोल प्लाजा पर जाम के दौरान खड़े वाहन और विरोध प्रदर्शन करते चालक।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का आरोप है कि इस टोल प्लाजा पर कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर शिकायतें कोई नई बात नहीं हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बार-बार विवाद होने के बावजूद टोल प्रबंधन ने व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाए हैं? यदि शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
घटना के दौरान टोल प्लाजा पर भारी हंगामा हुआ। विरोध कर रहे ड्राइवरों का कहना था कि आरोपी कर्मचारी को मौके पर बुलाकर माफी मंगवाई जाए। आखिरकार प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद संबंधित कर्मचारी को बुलाया गया और माफी मांगने के बाद ही जाम समाप्त हो सका। इससे यह सवाल और गहरा हो गया कि यदि गलती नहीं थी तो माफी क्यों मंगवाई गई और यदि गलती थी तो कार्रवाई कहां है?
इस पूरे घटनाक्रम में नांगल चौधरी पुलिस की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, फिर भी विवाद बढ़ता चला गया।
कई लोगों ने सवाल उठाए कि यदि समय रहते सख्त हस्तक्षेप किया जाता तो घंटों तक जाम की नौबत क्यों आती? घटना के दौरान कुछ लोगों के लाठी-डंडे लेकर दौड़ने की भी चर्चा रही, लेकिन उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, इसका जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं है।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब नांगल चौधरी टोल प्लाजा विवादों में आया हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां आए दिन वाहन चालकों और टोल कर्मचारियों के बीच तनाव की स्थिति बनती रहती है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस टोल प्लाजा पर बार-बार विवाद क्यों हो रहे हैं? क्या टोल प्रबंधन व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हो रहा है? और क्या संबंधित विभाग इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर कोई ठोस कार्रवाई करेगा या फिर यह टोल प्लाजा आगे भी विवादों की वजह से सुर्खियों में बना रहेगा?



