परिसीमन की चर्चा : महेंद्रगढ़ में 4 से 6 विधानसभा सीटों की संभावना , लोकसभा सीटें 10 से बढ़कर 12-15 तक जाने के संकेत ,बदल सकते हैं राजनीतिक व प्रशासनिक समीकरण

ग्राउंड जीरो विशेष हरविंद्र यादव
|

हरियाणा में संभावित परिसीमन को लेकर चल रही अटकलों के बीच  आज मीडिया से हुई बातचीत में भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह के संकेतों के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि जिले की विधानसभा सीटें मौजूद 4 से बढ़कर 6 हो सकती हैं। इसके साथ ही राज्य स्तर पर लोकसभा सीटों की संख्या 10 से बढ़ाकर 12 से 15 तक होने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

महेंद्रगढ़ में 4 से 6 विधानसभा सीटों की चर्चा तेज

महेंद्रगढ़ जिले में वर्तमान में चार विधानसभा क्षेत्र  अटेली, महेंद्रगढ़, नारनौल और नांगल चौधरी मौजूद हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अटेली में लगभग 2.06 लाख, महेंद्रगढ़ में 2.13 लाख, नारनौल में 1.58 लाख और नांगल चौधरी में करीब 1.68 लाख मतदाता हैं। कुल मतदाता संख्या लगभग 7.46 लाख के आसपास है।

विशेषज्ञों के अनुसार एक विधानसभा क्षेत्र में औसतन 1.8 से 2.5 लाख मतदाता संतुलित माने जाते हैं। ऐसे में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मतदाता संख्या का असंतुलन भविष्य में नई सीटों के गठन का आधार बन सकता है।

लोकसभा सीटें 10 से बढ़कर 12-15 होने की अटकलें

राज्य स्तर पर भी कई लोकसभा क्षेत्रों में मतदाता संख्या 18 से 20 लाख के पार पहुंच चुकी है, जबकि सीटों की कुल संख्या लंबे समय से 10 ही है। ऐसे में जनसंख्या और प्रतिनिधित्व के बीच का अंतर अब चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

नारनौल और अटेली क्षेत्र में नई सीटों की संभावना

प्रारंभिक आकलन के अनुसार महेंद्रगढ़ जिले में दो नई विधानसभा सीटों के गठन की संभावना जताई जा रही है। इसमें नारनौल क्षेत्र को शहरी और ग्रामीण हिस्सों में विभाजित करने तथा अटेली-कनीना क्षेत्र में नई सीट बनने की चर्चा है।

वहीं हरियाणा में संभावित लोकसभा विस्तार के तहत गुरुग्राम-रेवाड़ी-मानेसर क्षेत्र, महेंद्रगढ़-नारनौल-अटेली बेल्ट, करनाल-पानीपत औद्योगिक क्षेत्र और हिसार-भिवानी क्षेत्र में पुनर्गठन की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

परिसीमन लागू हुआ तो बदल जाएगा पूरा सियासी नक्शा

यदि परिसीमन लागू होता है तो इसका असर केवल राजनीतिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा। छोटे क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व अधिक प्रभावी हो सकता है, जिससे सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान में तेजी आने की संभावना है।

प्रशासनिक स्तर पर नए उपखंड, तहसील और सरकारी इकाइयों के गठन की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। वहीं राजनीतिक तौर पर नई सीटों का मतलब नए दावेदार, टिकटों की प्रतिस्पर्धा और दलों के भीतर सक्रियता में वृद्धि होगा।

जिले और राज्य में मतदाता संख्या लगातार बढ़ रही है। नए युवा मतदाताओं का जुड़ना, शहरीकरण और मतदाता सूची का नियमित अद्यतन इस बदलाव के प्रमुख कारण हैं। यही कारण परिसीमन की आवश्यकता को और मजबूत करते हैं।

मतदाता असंतुलन बना नई सीटों की मांग का आधार

महेंद्रगढ़ में विधानसभा सीटों की संख्या 4 से 6 और हरियाणा में लोकसभा सीटों की संख्या 10 से बढ़कर 12 से 15 होने की चर्चा फिलहाल प्रारंभिक स्तर पर है, लेकिन उपलब्ध आंकड़े यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में यह मुद्दा गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक विमर्श का केंद्र बन सकता है। परिसीमन लागू होने की स्थिति में यह बदलाव चुनावी नक्शे के साथ-साथ विकास और प्रतिनिधित्व की दिशा भी बदल सकता है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नारनौल | हरियाणा में HPS अधिकारियों के तबादले : नारनौल के डीएसपी दिनेश कुमार यादव का पुन्हाना तबादला, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

हरविन्द्र यादव
|
हरियाणा सरकार के गृह विभाग ने HPS अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती को लेकर आदेश जारी किया है। जारी सूची के अनुसार नारनौल में तैनात डीएसपी दिनेश कुमार यादव का तबादला कर उन्हें पुन्हाना भेजा गया है। आदेश में यह तबादला तत्काल प्रभाव से लागू बताया गया ह...
Continue Reading

नारनौल | यूथ कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक फैसला, 6 जिलाध्यक्ष ‘होल्ड’ पर : महेंद्रगढ़ में सियासी हलचल तेज, स्थिति पर बनी अनिश्चितता

हरीसिंह
|
यूथ कांग्रेस का आधिकारिक पत्र, जिसमें महेंद्रगढ़ सहित छह जिलाध्यक्षों को ‘होल्ड’ पर रखने का निर्णय लिया गया।
यूथ कांग्रेस का आधिकारिक पत्र, जिसमें महेंद्रगढ़ सहित छह जिलाध्यक्षों को ‘होल्ड’ पर रखने का निर्णय लिया गया।
नारनौल | इंडियन यूथ कांग्रेस द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के बाद हरियाणा की जिला राजनीति में हलचल तेज हो गई है। महेंद्रगढ़ सहित छह जिलों के जिलाध्यक्षों को संगठनात्मक कारणों से ‘होल्ड’ पर रखा गया है, जिसके बाद जिले में चर्चाओं का दौर तेज है, हालांकि किस...
Continue Reading

नारनौल | महिला आरक्षण पर विपक्ष का प्रचार भ्रामक : संवैधानिक प्रक्रिया समझना जरूरी : डॉ. अभय यादव

रामचन्द्र सैनी
|
पूर्व सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव
पूर्व सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव
महिला आरक्षण पर चल रहे राजनीतिक द्वंद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सिंचाई मंत्री डॉक्टर अभय सिंह यादव ने कहा कि विपक्ष द्वारा महिला आरक्षण पर किया जा रहा प्रचार आम आदमी को भ्रमित करने वाला है। उन्होंने इसके क़ानूनी पहलू पर स्थिति स्पष्ट करते हु...
Continue Reading
Advertisement

Trending

error: