कोरियावास मेडिकल कॉलेज में नामकरण पर फिर सियासी घमासान : मुख्य द्वार पर अस्पताल का बोर्ड, कॉलेज की पहचान पर उठे सवाल

ग्राउंड जीरो विशेष हरविंद्र यादव
|

महेंद्रगढ़ जिले के कोरियावास स्थित महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एक बार फिर नामकरण को लेकर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला संस्थान के मुख्य द्वार पर लगाए गए बोर्ड को लेकर गरमा गया है, जिसने पुराने विवाद को फिर से चर्चा में ला दिया है।

मौजूदा स्थिति यह है कि महाविद्यालय के मुख्य द्वार संख्या-एक पर जहां संस्थान का आधिकारिक नाम प्रमुखता से प्रदर्शित होना चाहिए, वहीं उसके ऊपर “राव तुलाराम अस्पताल” का बोर्ड लगाए जाने से सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर असमंजस और नाराजगी दोनों सामने आ रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अस्पताल इसी महाविद्यालय परिसर के भीतर स्थित है, तो मुख्य द्वार पर उसकी पहचान को प्रमुखता देना किस आधार पर किया गया। यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह जानबूझकर महाविद्यालय की मूल पहचान को पीछे धकेलने का प्रयास है या फिर यह प्रशासनिक स्तर की चूक है।

दरअसल, इस संस्थान का नामकरण पहले भी बड़ा विवाद बन चुका है। लंबे समय तक चले आंदोलन के बाद यह सहमति बनी थी कि महाविद्यालय का नाम महर्षि च्यवन के नाम पर रहेगा, जबकि अस्पताल को शहीद राव तुलाराम के नाम से जोड़ा जाएगा, ताकि दोनों पक्षों की भावनाओं का संतुलन बना रहे।

अब मुख्य द्वार पर अस्पताल का नाम प्रमुख रूप से सामने आने से उसी समझौते की भावना को लेकर फिर से बहस तेज हो गई है। राजनीतिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं और इसे नए सिरे से मुद्दा बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह बोर्ड किसके निर्देश पर लगाया गया। क्या यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर लिया गया या इसके पीछे किसी प्रकार का दबाव रहा। यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या महाविद्यालय प्रशासन ने उच्च स्तर की अनुमति के बिना यह कदम उठाया।

यदि यह निर्णय संस्थान स्तर पर लिया गया है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या अब प्रशासन सरकार से ऊपर जाकर फैसले लेने लगा है।

यह वही मेडिकल कॉलेज है जिसके नामकरण को लेकर क्षेत्र में लंबा आंदोलन चला था। वर्ष 2025 में इस संस्थान का आधिकारिक नाम “महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज” रखा गया, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया था।

यह विरोध इतना व्यापक हुआ कि कई महीनों तक धरना जारी रहा और यह आंदोलन करीब 191 दिनों तक चलता रहा। इस दौरान ट्रैक्टर मार्च, ज्ञापन और विभिन्न स्तरों पर विरोध प्रदर्शन भी किए गए।

स्थिति तब बदली जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नारनौल में एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि मेडिकल कॉलेज का नाम यथावत “महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज” रहेगा, जबकि परिसर में संचालित होने वाले अस्पताल को “शहीद राव तुलाराम” के नाम से जाना जाएगा। इस घोषणा के बाद लगभग साढ़े छह महीने से चल रहा आंदोलन समाप्त कर दिया गया था।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मामले की जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और संस्थान की पहचान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नारनौल | महिला आरक्षण पर विपक्ष का प्रचार भ्रामक : संवैधानिक प्रक्रिया समझना जरूरी : डॉ. अभय यादव

रामचन्द्र सैनी
|
पूर्व सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव
पूर्व सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव
महिला आरक्षण पर चल रहे राजनीतिक द्वंद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सिंचाई मंत्री डॉक्टर अभय सिंह यादव ने कहा कि विपक्ष द्वारा महिला आरक्षण पर किया जा रहा प्रचार आम आदमी को भ्रमित करने वाला है। उन्होंने इसके क़ानूनी पहलू पर स्थिति स्पष्ट करते हु...
Continue Reading

नांगल चौधरी | पिज्जा कैफे पर पुलिस की औचक छापेमारी, केबिन-पर्दे हटवाए : संचालकों को सख्त हिदायत

मंजीत सोनी
|
नांगल चौधरी क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए विभिन्न पिज्जा कैफे पर औचक छापेमारी की। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक के कड़े दिशा-निर्देशों पर उप-पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार के नेतृत्व में की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ क...
Continue Reading

नारनौल | जनगणना राष्ट्र निर्माण की नींव : डीसी अनुपमा अंजली ने प्रगणकों को किया प्रेरित | सटीक आंकड़ों पर टिकी योजनाओं की सफलता | स्व-गणना पोर्टल पर भागीदारी की अपील

रामचन्द्र सैनी
|
फोटो-पीजी कॉलेज में प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को प्रोत्साहित करती डीसी अनुपमा अंजली।
फोटो-पीजी कॉलेज में प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को प्रोत्साहित करती डीसी अनुपमा अंजली।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने स्थानीय पीजी कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान सुपरवाइजरों और प्रगणकों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना मात्र एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने सभी कर्मच...
Continue Reading
Advertisement

Trending

error: