जिला न्यायालय नारनौल में आपदा मॉक ड्रिल का आयोजन आग लगने की स्थिति पर रेस्क्यू अभ्यास : टीमों की तत्परता और समन्वय परखा गया
नारनौल।आपदा या आपातकालीन स्थिति में तैयारियों की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से जिला न्यायालय परिसर में वृहद मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास के जरिए पुलिस, फायर ब्रिगेड, रेड क्रॉस और आपदा प्रबंधन टीमों की तत्परता और आपसी समन्वय का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल को पूरी तरह वास्तविक आपदा की […]

नारनौल।आपदा या आपातकालीन स्थिति में तैयारियों की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से जिला न्यायालय परिसर में वृहद मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास के जरिए पुलिस, फायर ब्रिगेड, रेड क्रॉस और आपदा प्रबंधन टीमों की तत्परता और आपसी समन्वय का परीक्षण किया गया।
मॉक ड्रिल को पूरी तरह वास्तविक आपदा की स्थिति की तरह तैयार किया गया था। जैसे ही न्यायालय परिसर की एक बिल्डिंग की पहली मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली, प्रशासनिक अमला तुरंत सक्रिय हो गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंचीं और दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने का मोर्चा संभाला। पुलिस और रेड क्रॉस की टीमें भी मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गईं। ड्रिल के दौरान बिल्डिंग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नीचे लाया गया, जहां रेड क्रॉस के वॉलिंटियर्स ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया।
मौके पर मौजूद डीएसपी सुरेश कुमार ने पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली और विभिन्न टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने टीमों के रिस्पांस टाइम और कार्य प्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। अभ्यास के समापन पर उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य कमियों की पहचान करना और वास्तविक संकट के समय बिना घबराए समन्वय के साथ कार्य करना सुनिश्चित करना है।
