रेवाड़ी | बावल तहसील फिर कटघरे में: फर्जी पहचान से 26 कनाल जमीन ट्रांसफर, रजिस्ट्री से इंतकाल तक खेल पर सवाल

सुरेंद्र गौड़
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रेवाड़ी

रेवाड़ी | बावल तहसील में बड़ा घोटाला!

रेवाड़ी जिले की बावल तहसील एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई है। गांव नेहचाना की महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी जगह दूसरी महिला और उसके पति की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर संपत्ति हस्तांतरण प्रलेख रजिस्टर्ड करवा दिया गया और कुछ ही दिनों में इंतकाल भी दर्ज कर दिया गया।

फर्जी पहचान से जमीन ट्रांसफर का आरोप

बावल उपमंडल के गांव नेहचाना निवासी आशा देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके नाम करीब 26 कनाल जमीन दर्ज है। आरोप है कि 19 मार्च को तहसील में उसकी जगह किसी अन्य महिला को खड़ा कर संपत्ति हस्तांतरण प्रलेख रजिस्टर्ड कर दिया गया। इतना ही नहीं, उसके पति के स्थान पर भी दूसरे व्यक्ति को खड़ा किया गया। शिकायत में कहा गया है कि यह पूरा मामला जमीन हड़पने की साजिश के तहत किया गया।

नंबरदार की पहचान पर भी सवाल

आशा देवी ने आरोप लगाया कि पहचान के लिए गांव का नंबरदार नहीं, बल्कि बावल निवासी नंबरदार रोहतास को बुलाया गया। इस पर नंबरदार रोहतास ने खुद स्वीकार किया कि पहचान में उससे गलती हो गई। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पहचान की प्रक्रिया में स्थानीय सत्यापन क्यों नहीं किया गया और दस्तावेजों की जांच कैसे नजरअंदाज हो गई।

रजिस्ट्री के 12 दिन बाद ही इंतकाल, प्रक्रिया पर उठे सवाल

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 19 मार्च को रजिस्ट्री हुई और 1 अप्रैल को पटवारी ने इंतकाल भी दर्ज कर दिया। जहां आम लोगों को इंतकाल के लिए महीनों चक्कर लगाने पड़ते हैं, वहीं इस मामले में इतनी तेजी से प्रक्रिया पूरी होना कई सवाल खड़े करता है।

मिलीभगत के आरोप, जांच के आदेश

महिला ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा खेल संभव नहीं है। मामला सामने आने के बाद नायब तहसीलदार श्याम सुंदर ने जांच के आदेश देते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में फर्जीवाड़ा साबित होता है तो प्रलेख को रद्द कर दिया जाएगा।

पहचान प्रक्रिया में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?

नेहचाना गांव के सरपंच प्यारेलाल ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि प्रलेख में लगी फोटो गांव की महिलाओं की नहीं है। उन्होंने इसे करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। बावल थाना प्रभारी के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि “दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा।”

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