नारनौल | गांव गहली में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण : सिकंदर गहली बोले- पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़-पौधे अमूल्य
नारनौल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गांव गहली में माता सती वेलफेयर समिति द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समिति प्रधान सिकंदर गहली एवं पर्यावरण संरक्षक धर्म सिंह ने किया। इस दौरान माता सती स्थल पर नीम, बरगद, पीपल और पापड़ी सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए तथा पर्यावरण संरक्षण […]

नारनौल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गांव गहली में माता सती वेलफेयर समिति द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समिति प्रधान सिकंदर गहली एवं पर्यावरण संरक्षक धर्म सिंह ने किया। इस दौरान माता सती स्थल पर नीम, बरगद, पीपल और पापड़ी सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए तथा पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति प्रधान सिकंदर गहली ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़-पौधों का योगदान अमूल्य है। जल, जंगल और पर्यावरण के बिना प्रकृति अधूरी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली, प्लास्टिक, प्रदूषण, खनन और रसायनों के अत्यधिक उपयोग के कारण पर्यावरण लगातार दूषित हो रहा है, जिसे बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण जरूरी है।
पर्यावरण संरक्षक धर्म सिंह ने कहा कि समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण किया जाता है। इसी का परिणाम है कि माता सती स्थल आज हरियाली से आच्छादित हो चुका है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का सबसे सरल और प्रभावी तरीका पौधारोपण है।
जिला जाट महासभा के प्रधान विजय पाल एडवोकेट ने कहा कि प्रधान सिकंदर गहली के प्रयासों से सती माता स्थल पर लगाए गए सैकड़ों पौधे अब बड़े पेड़ों का रूप ले रहे हैं। नियमित देखभाल के कारण यह स्थल आकर्षण का केंद्र बन गया है और यहां आने वाले श्रद्धालु सुकून महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर पर्यावरण को पहुंचा नुकसान आज गंभीर चिंता का विषय है और भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर रामफल फौजी, सूबेदार धर्म सिंह, कश्मीर एडवोकेट, उमेद सिंह, शमशेर सिंह, अनिल पहलवान, राकेश मास्टर, संदीप गहली, देवेंद्र, अजय, राहुल, सुभाष, नितिश, कृष्ण, कुलदीप, दीपक और ओविन सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।



