नारनौल | पत्रकारों के रिकॉर्ड पर RTI : डीपीआरओ कार्यालय से मांगी पूरी सूची | प्रशासनिक हलकों में बढ़ी चर्चा
नारनौल। महेंद्रगढ़ जिले में पत्रकारों की संख्या, उनकी मान्यता और सरकारी रिकॉर्ड को लेकर दायर एक सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन चर्चा का विषय बन गया है। गांव खटोटी निवासी सुरेंद्र पंडित ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत जिला जनसंपर्क एवं भाषा विभाग (डीपीआरओ) महेंद्रगढ़ से जिले में कार्यरत पत्रकारों का पूरा रिकॉर्ड मांगा […]

नारनौल। महेंद्रगढ़ जिले में पत्रकारों की संख्या, उनकी मान्यता और सरकारी रिकॉर्ड को लेकर दायर एक सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन चर्चा का विषय बन गया है। गांव खटोटी निवासी सुरेंद्र पंडित ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत जिला जनसंपर्क एवं भाषा विभाग (डीपीआरओ) महेंद्रगढ़ से जिले में कार्यरत पत्रकारों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। आवेदन सामने आने के बाद प्रशासनिक और मीडिया जगत में इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
आवेदन के अनुसार सुरेंद्र पंडित ने वर्ष 2025-26 के दौरान महेंद्रगढ़ जिले में कार्यरत पत्रकारों की संख्या, उनके नाम, विभागीय रिकॉर्ड और उपलब्ध अभिलेखों की जानकारी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि पत्रकारों का रिकॉर्ड किस आधार पर तैयार किया जाता है तथा विभाग के पास पत्रकारों से संबंधित कौन-कौन से दस्तावेज उपलब्ध हैं।
सूत्रों के अनुसार यह आवेदन सीधे जिला जनसंपर्क एवं भाषा अधिकारी कार्यालय को संबोधित किया गया है। सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(1) के तहत दायर इस आवेदन को सार्वजनिक महत्व का माना जा रहा है, क्योंकि इससे जिले में मीडिया से जुड़े आंकड़ों और विभागीय रिकॉर्ड की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

आवेदन में मुख्य रूप से जिले में कार्यरत पत्रकारों की संख्या और उनकी मान्यता संबंधी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा विभागीय दस्तावेजों और रिकॉर्ड व्यवस्था को लेकर भी जानकारी मांगी गई है। जानकारों का मानना है कि यदि विभाग पूरी जानकारी उपलब्ध कराता है तो जिले में मीडिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सार्वजनिक हो सकते हैं।
सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत कोई भी नागरिक किसी सरकारी विभाग से उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जानकारी मांग सकता है। अधिनियम की धारा 7(1) के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में संबंधित विभाग को 30 दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध करानी होती है। निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं मिलने की स्थिति में आवेदक प्रथम अपील और बाद में राज्य सूचना आयोग तक जा सकता है।
RTI आवेदन सामने आने के बाद जिले के प्रशासनिक और मीडिया हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदनकर्ता को क्या जवाब देता है।



