ज़िला
नारनौल | समाधान शिविर में 55 शिकायतें | एसडीएम ने सुनी समस्याएं | परिवार पहचान पत्र से लेकर बिजली-पानी तक मुद्दे उठे | पद्म पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार आयोजित समाधान शिविरों की कड़ी में वीरवार को लघु सचिवालय में 55 नागरिकों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। इस अवसर पर एसडीएम आईएएस अनिरुद्ध यादव ने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिविर में मुख्य रूप से परिवार पहचान पत्र, प्रॉपर्टी आईडी, बिजली-पानी और पुलिस से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। अधिकारियों ने बताया कि हर सोमवार और वीरवार को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जिला स्तर पर लघु सचिवालय तथा उपमंडल स्तर पर भी समाधान शिविर नियमित रूप से लगाए जा रहे हैं, ताकि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम में सीईओ जिला परिषद निर्मल नागर, डीएमसी नगर परिषद रणवीर सिंह, नगराधीश डॉ. मंगल सेन, डीएसपी सुरेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इसी के साथ जिला प्रशासन ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले गुमनाम नायकों को सम्मानित करने की दिशा में भी पहल की है। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों—पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री—के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कला, साहित्य, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान और इंजीनियरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों को इन सम्मानों से नवाजा जाता है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आवेदन प्रक्रिया 15 मार्च से शुरू हो चुकी है और इच्छुक पात्र व्यक्ति या संस्थाएं 31 जुलाई 2026 तक केवल ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के जरिए नामांकन करना होगा, जहां निर्धारित प्रारूप में अधिकतम 800 शब्दों का प्रशस्ति पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि समाज में कई ऐसे लोग हैं जो निस्वार्थ भाव से उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, लेकिन प्रचार-प्रसार से दूर रहने के कारण पहचान नहीं बना पाते। सरकार का उद्देश्य ऐसे ही गुमनाम नायकों—विशेषकर महिलाओं, कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति-जनजाति और दिव्यांगजनों—को पहचान दिलाना है।
उन्होंने नागरिकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अपने आसपास मौजूद प्रेरणादायक व्यक्तियों के नाम आगे बढ़ाएं, ताकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल सके। साथ ही स्पष्ट किया गया कि डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को छोड़कर अन्य सरकारी कर्मचारी इन पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं हैं और अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
नारनौल | नशामुक्त हरियाणा जागरूकता पखवाड़ा शुरू : युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
नारनौल | बीएलए-2 कार्यशाला आयोजित : मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की दी जानकारी
नारनौल | आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण से बढ़ेगी किसानों की आय : विधायक ओमप्रकाश यादव ने दी सलाह
-
नारनौल4 days agoनारनौल | सियासी चर्चाओं के बीच अहम मुलाकात : डॉ. अभय सिंह यादव से मिलीं भाजपा प्रदेश अध्यक्षा अर्चना गुप्ता
-
नारनौल4 days agoनारनौल | मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी चूक : उद्घाटन होना था लेकिन पटल पर लिख दिया शिलान्यास | जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
-
नारनौल6 days agoनारनौल | अपराधियों पर कार्रवाई करने गई CIA टीम से दुर्व्यवहार: आखिर दोषियों पर कब चलेगा कानून का डंडा?
-
नारनौल5 days agoनारनौल | पोस्टर से गायब मंत्री की फोटो : दयाराम यादव की भूल बनी चर्चा का विषय | भाजपा गलियारों में उठे कई सवाल
-
नारनौल4 days agoनारनौल | भाजपा ऑफिस उद्घाटन पर मंडल अध्यक्षों ने जिला अध्यक्ष को घेरा : बोले कार्यकर्ताओं का अपमान क्यों | मंच पर चमके चहेते | बाहर अपमानित हुए मंडल अध्यक्ष
-
नारनौल4 days agoनारनौल | स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश : प्रसूता के पेट में ऑपरेशन सामग्री छोड़ने का आरोप | 8 साल से न्याय की लड़ाई
-
नारनौल16 hours agoनारनौल। महेंद्रगढ़ में सबसे पहले नारनौल ने मारी बाजी : शहर में पहुंची रैपिडो बाइक सेवा
-
नांगल चौधरी6 days agoनिजामपुर | आधुनिक खेती से बदली तस्वीर : धानोता के रोशन लाल खटाना बने किसानों के लिए मिसाल, सीमित जमीन से कमा रहे लाखों रुपये सालाना, युवाओं को दे रहे नया रास्ता