अटेली। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन : स्थायी नियुक्ति और वेतन बढ़ोतरी लागू करने की उठाई मांग
अटेली। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अटेली में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के कार्यालय में उनके निजी सचिव गोविंद गोस्वामी को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि पिछले काफी समय से मांगें उठाई जा रही हैं लेकिन सरकार और संबंधित विभाग की ओर से […]

अटेली। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अटेली में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के कार्यालय में उनके निजी सचिव गोविंद गोस्वामी को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि पिछले काफी समय से मांगें उठाई जा रही हैं लेकिन सरकार और संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। यूनियन द्वारा 24 अगस्त 2025 से अब तक कई बार मांग पत्र और ज्ञापन भेजे जा चुके हैं लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

स्थायी नियुक्ति और वेतन बढ़ोतरी की मांग उठाते सफाई कर्मचारी।
वहीं मुख्यमंत्री द्वारा 24 नवंबर 2024 एवं 11 जून 2025 को वेतन बढ़ोतरी की घोषणाएं की गई थीं, जो अभी तक लागू नहीं हुई हैं। यूनियन का कहना है कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी करीब 19 वर्षों से कार्य कर रहे हैं लेकिन आज तक उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया। जबकि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी 28 फरवरी 2026 तक 10 साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को स्थायी करने के निर्देश दिए हैं, इसके बावजूद आदेश लागू नहीं किए गए।

ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी मांगों को लेकर चर्चा करते हुए।
मांगों की अनदेखी के चलते कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। 15,16 मई से शुरू हुई हड़ताल 25 मई तक भी जारी रही। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। यूनियन पदाधिकारियों ने सरकार से अपील की है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान किया जाए ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण सफाई कर्मचारी।
इसके अलावा पढ़े-लिखे कर्मचारियों को सुपरवाइजर बनाने,सातवें वेतन आयोग को लागू करने और सफाई कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान करने की मांग उठाई गई है। सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये सहायता राशि,नई भर्ती, ईपीएफ व ईएसआई की सीमा बढ़ाने और कर्मचारियों के हित में अन्य सुविधाएं देने की भी मांग की गई है।
यूनियन ने मृत्यु होने पर 10 से 20 लाख रुपये मुआवजा और आश्रित को नौकरी देने, वर्दी भत्ता बढ़ाने, ग्रामीण कर्मचारियों को अतिरिक्त भत्ता देने तथा ठेके पर लगे कर्मचारियों को विभाग के पेरोल पर लेने की मांग भी रखी है।
यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



