पलवल | LPG महंगी, उपलों के दाम में उछाल : घरेलू रसोई से छोटे व्यवसाय तक असर
पलवल। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच बढ़ी एलपीजी गैस की कीमतों और आपूर्ति में आई कमी का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। गैस महंगी होने से जहां छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ी है, वहीं घरेलू रसोई पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। इसके चलते पारंपरिक ईंधन […]

पलवल। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच बढ़ी एलपीजी गैस की कीमतों और आपूर्ति में आई कमी का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। गैस महंगी होने से जहां छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ी है, वहीं घरेलू रसोई पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। इसके चलते पारंपरिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने वाले उपलों की मांग बढ़ी है और उनके दामों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्थानीय विक्रेताओं के अनुसार पिछले दो-तीन महीनों में उपलों के दामों में लगातार इजाफा हुआ है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

गैस महंगी होने से उपलों की बढ़ी मांग, बाजार में कीमतों में उछाल
विक्रेता सुनील और उनकी मां केसर का कहना है कि पहले एक उपला 1 से 1.50 रुपये में मिलता था, जो कुछ समय पहले बढ़कर 2 रुपये हो गया और अब इसकी कीमत करीब 2.50 रुपये प्रति पीस तक पहुंच गई है। उनका कहना है कि पशुओं के चारे और अन्य खर्चों में बढ़ोतरी के कारण उपलों के उत्पादन की लागत भी बढ़ी है, जिसका असर सीधे बिक्री मूल्य पर पड़ा है। उनका यह भी मानना है कि आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

बढ़ती महंगाई के बीच उपलों के दाम पहुंचे ढाई रुपए प्रति पीस
वहीं उपभोक्ता अनिल रावत ने बताया कि पहले 100 रुपये में करीब 50 उपले मिल जाते थे, लेकिन अब उसी कीमत में केवल 40 उपले ही मिल रहे हैं। इससे घरेलू बजट पर असर पड़ रहा है और लोगों को वैकल्पिक ईंधन के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर गैस की बढ़ती कीमतों का प्रभाव अब हर वर्ग पर देखने को मिल रहा है, जिससे महंगाई की मार और गहरी होती जा रही है।



