महेंद्रगढ़ | 1 जून से शुरू होंगे निःशुल्क शिक्षा एवं संस्कार शिविर : बच्चों के सर्वांगीण विकास पर रहेगा विशेष फोकस
महेंद्रगढ़ | बाल चरित्र निर्माण सभा, महेंद्रगढ़ के तत्वावधान में बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं संस्कार निर्माण के उद्देश्य से 1 जून से निःशुल्क शिक्षा एवं संस्कार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों का शुभारंभ सोमवार प्रातः 8 बजे सैनी क्षत्रिय सभा महेंद्रगढ़ के सभागार तथा दक्ष प्रजापति समाज सुधार सभा की चौपाल, मोहल्ला कुम्हारान, […]

महेंद्रगढ़ | बाल चरित्र निर्माण सभा, महेंद्रगढ़ के तत्वावधान में बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं संस्कार निर्माण के उद्देश्य से 1 जून से निःशुल्क शिक्षा एवं संस्कार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों का शुभारंभ सोमवार प्रातः 8 बजे सैनी क्षत्रिय सभा महेंद्रगढ़ के सभागार तथा दक्ष प्रजापति समाज सुधार सभा की चौपाल, मोहल्ला कुम्हारान, डुलाना मार्ग महेंद्रगढ़ में किया जाएगा।
सभा के संचालक रतीराम टांक ने बताया कि शिविरों में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों का ग्रीष्मकालीन गृहकार्य अनुभवी शिक्षकों द्वारा खेल-खेल में पूर्ण करवाया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण के लिए विशेष पाठ्यक्रम भी संचालित किया जाएगा, जिसमें श्लोक, भजन, योग, देशी खेल, चित्रकला, भाषण, देशभक्ति गीत तथा जीवन मूल्यों से संबंधित गतिविधियां शामिल होंगी।
उन्होंने बताया कि कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान, गणित, अंग्रेजी एवं हिंदी विषयों की निःशुल्क विशेष कक्षाएं केवल प्रजापति चौपाल, मोहल्ला कुम्हारान केंद्र पर आयोजित की जाएंगी।
रतीराम टांक ने कहा कि शिविरों के संचालन में भारत विकास परिषद महेंद्रगढ़ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ-साथ अनेक शिक्षाविद, समाजसेवी एवं अनुभवी गुरुजन सहयोग करेंगे। इनमें राजेंद्र वानप्रस्थी, रमेश कुमार टांक, प्रो. राजकुमार, यशपाल शर्मा, राजेंद्र प्रसाद गौड़, सतीश कुमार बोहरा, भीमसेन शास्त्री, ओम प्रकाश सैनी, नरेश गोयल, एडवोकेट युद्धवीर चौहान, सत्येंद्र यादव, अनूप शर्मा, परमानंद कौशिक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति अपने समय का योगदान देंगे।
उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को 1 जून प्रातः 8 बजे निकटतम शिविर केंद्र पर भेजकर इस शिक्षा एवं संस्कार अभियान का लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि सभा का उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित कर उन्हें संस्कारवान नागरिक बनाना है।
संस्कारवान बच्चे – सशक्त राष्ट्र के संकल्प के साथ आयोजित इन शिविरों से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।



