नांगल चौधरी | आर्य वीरांगना शिविर का भव्य समापन : बेटियों ने दिखाया शौर्य, आत्मरक्षा के दमदार प्रदर्शन से गूंजा परिसर, संस्कारों का दिया संदेश
नांगल चौधरी | सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भोजावास में आयोजित छह दिवसीय आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर-2026 का भव्य समापन समारोह उत्साह, जोश और देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में एमडीएच के संरक्षक जितेंद्र भाटिया (दिल्ली), सांसद धर्मवीर चौधरी के पुत्र मोहित चौधरी, पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव सहित […]

नांगल चौधरी | सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भोजावास में आयोजित छह दिवसीय आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर-2026 का भव्य समापन समारोह उत्साह, जोश और देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में एमडीएच के संरक्षक जितेंद्र भाटिया (दिल्ली), सांसद धर्मवीर चौधरी के पुत्र मोहित चौधरी, पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की। प्राचार्य वंदना यादव एवं आयोजन समिति ने सभी अतिथियों का पुष्पमालाएं पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
छह दिनों तक चले इस शिविर में बालिकाओं को आत्मरक्षा, चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में बालिकाओं ने शिविर के दौरान सीखे गए कौशलों का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तलवारबाजी, लाठी संचालन, जूडो-कराटे, आत्मरक्षा तकनीकों, योग, लेझिम तथा विभिन्न शारीरिक गतिविधियों के प्रदर्शन पर पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

शिविर के दौरान बालिकाओं को रानी लक्ष्मीबाई, अहिल्याबाई होल्कर, झलकारी बाई, माता जीजाबाई, रानी चेनम्मा, बेगम हजरत महल, कल्पना चावला और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसी महान महिलाओं के संघर्षपूर्ण एवं प्रेरणादायक जीवन से परिचित कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, आत्मविश्वास, संस्कार और आत्मरक्षा को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए तथा सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
मुख्य वक्ताओं ने कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। वे साइकिल से लेकर हवाई जहाज तक चला रही हैं और देश-दुनिया में अपना नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सफलता के साथ-साथ संस्कार, कर्तव्य और माता-पिता के सम्मान को भी जीवन में सर्वोच्च स्थान देना आवश्यक है। आर्य समाज द्वारा आयोजित ऐसे शिविर केवल प्रशिक्षण नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की कार्यशाला हैं, जहां से निकलने वाली बेटियां समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनती हैं।

अतिथियों ने कहा कि वर्तमान समय में जब युवा पीढ़ी पाश्चात्य प्रभावों की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है, ऐसे शिविर भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवित रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में किसी से कम नहीं हैं और उचित मार्गदर्शन मिलने पर वे नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
समापन समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, ग्रामीण और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने बेटियों के प्रदर्शन की मुक्त कंठ से सराहना की। पूरे कार्यक्रम में नारी शक्ति, आत्मविश्वास, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।



