नांगल चौधरी | आर्य वीरांगना शिविर में बेटियों को मिला स्वस्थ जीवन : संस्कार और आत्मनिर्भरता का संदेश
नांगल चौधरी। संवाददाता मंजीत सोनी। आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर-2026 में गुलाब डेंटल क्लीनिक की डॉ. मधु यादव एवं डॉ. सुरेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। शिविर में पहुंचने पर प्राचार्य वंदना यादव ने दोनों अतिथियों का मोमेंटो भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. मधु यादव […]

नांगल चौधरी। संवाददाता मंजीत सोनी। आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर-2026 में गुलाब डेंटल क्लीनिक की डॉ. मधु यादव एवं डॉ. सुरेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। शिविर में पहुंचने पर प्राचार्य वंदना यादव ने दोनों अतिथियों का मोमेंटो भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मधु यादव ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की संस्कृति, संस्कार और स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली हमारी सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि आज विदेशी खान-पान और पाश्चात्य रहन-सहन का बढ़ता प्रभाव युवाओं को गलत दिशा में ले जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य और संस्कार दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पहले विदेशों में कृषि संसाधनों की कमी के कारण भोजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए पैकेटबंद खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाता था, लेकिन अब भारत में भी युवा इन्हें शौक के रूप में अपना रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रहा है। उन्होंने बालिकाओं से आह्वान किया कि वे जंक फूड और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं तथा देशी खान-पान, योग, व्यायाम और स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
डॉ. मधु यादव ने कहा कि बेटियों को शारीरिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ अपने संस्कारों, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली और अच्छे संस्कार ही आत्मनिर्भर और सशक्त समाज की नींव हैं।

वहीं डॉ. सुरेंद्र यादव ने आर्य समाज द्वारा आयोजित शिविर की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसे चरित्र निर्माण और संस्कार आधारित कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराएं आज भी जीवित हैं और ऐसे शिविर बच्चों में खोते जा रहे संस्कारों को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर बेटियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करते हैं। आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और उन्हें सही मार्गदर्शन, संस्कार एवं अवसर देकर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बालिकाओं ने अतिथियों के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और स्वस्थ जीवनशैली, भारतीय संस्कृति तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।



