नांगल चौधरी | चरित्र निर्माण शिविर का समापन : युवाओं में संस्कार और आत्मरक्षा का संदेश, आर्य समाज की पहल की सराहना
नांगल चौधरी। आर्य समाज द्वारा आयोजित सात दिवसीय आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह उत्साह और प्रेरणा के माहौल में संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे वरिष्ठ अधिवक्ता लखीराम यादव ने कहा कि आर्य समाज हमेशा से समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और चरित्र निर्माण को […]

नांगल चौधरी। आर्य समाज द्वारा आयोजित सात दिवसीय आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह उत्साह और प्रेरणा के माहौल में संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे वरिष्ठ अधिवक्ता लखीराम यादव ने कहा कि आर्य समाज हमेशा से समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने का कार्य करता आया है। इसी उद्देश्य को लेकर समय-समय पर ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिससे युवा पीढ़ी को सही दिशा मिल सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को सामाजिक बुराइयों, नशे और गलत प्रवृत्तियों से दूर रखने के लिए चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास शिविरों की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। आर्य समाज द्वारा आयोजित इन शिविरों से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास होता है।
लखीराम यादव ने कहा कि केवल शैक्षणिक शिक्षा ही जीवन में सफलता का आधार नहीं है, बल्कि अच्छे संस्कार और मजबूत चरित्र भी उतने ही आवश्यक हैं। चरित्रवान और संस्कारी युवा ही समाज तथा राष्ट्र को नई दिशा और नई ऊंचाइयां देने का कार्य कर सकते हैं। उन्होंने आर्य समाज की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन के प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को ऐसे प्रशिक्षण शिविरों से जोड़ें ताकि उनमें नैतिक मूल्यों के साथ-साथ आत्मरक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की भावना विकसित हो सके। कार्यक्रम के दौरान शिविर में भाग लेने वाली बालिकाओं और युवतियों ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण का प्रदर्शन भी किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।



