नारनौल I होटल वालों के छूटे पसीने! :अब एनओसी लेना बना ‘मिशन इम्पॉसिबल’

रामचन्द्र सैनी
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महेंद्रगढ़ (नारनौल )

नारनौल में प्रदूषण विभाग की सख्ती के बाद होटल संचालकों में बढ़ी चिंता।
नारनौल में प्रदूषण विभाग की सख्ती के बाद होटल संचालकों में बढ़ी चिंता।

नारनौल में प्रदूषण विभाग की सख्ती ने होटल कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। हाल ही में 14 नए होटलों को नोटिस जारी होने के बाद नारनौल के पूरे होटल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। संचालकों का कहना है कि विभाग द्वारा तय की गई शर्तें इतनी कड़ी हैं कि उन्हें पूरा करना आसान नहीं, बल्कि लगभग असंभव साबित हो रहा है। वहीं जो एनओसी लेकर काम कर रहे होटल वालों का मानना है, विभाग ने केवल नारनौल से ही अभी इतने ही होटल संचालकों को नोटिस से बाहर रखा हुआ है उसके क्या कारण हैं।

जानकारी के मुताबिक करीब ढाई साल पहले भी इसी तरह के 16 होटल संचालकों को नोटिस जारी हुए थे, लेकिन उस समय केवल 10 होटल ही सभी शर्तें पूरी कर प्रदूषण विभाग से एनओसी हासिल कर पाए थे। बाकी अभी तक मौज मार रहे थे। अब नए नोटिस के बाद बाकी होटल संचालकों को भी वही प्रक्रिया अपनानी होगी, जिसे वे बेहद जटिल और खर्चीली बता रहे हैं। जिस पर कम से सात लाख रुपए का खर्चा आता है।

एनओसी के लिए ये 6 दस्तावेज मुख्य रूप से अनिवार्य।

प्रदूषण विभाग की एनओसी के लिए होटल संचालकों को जो दस्तावेज पूरे करने होते है उनमें फायर विभाग से एनओसी, स्वीकृत भवन नक्शा,रजिस्टर्ड डीड या मालिकाना हक (किरायानामा मान्य नहीं),नगर परिषद से अनापत्ति प्रमाण पत्र, जनस्वास्थ्य विभाग से कॉमर्शियल पानी और सीवर कनेक्शन और जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र मुख्य रूप से शामिल है। इन सभी शर्तों को पूरा करने के बाद ही प्रदूषण विभाग की मंजूरी मिल सकेगी।

अब 20 और होटल निशाने पर।

सूत्रों का कहना है कि नारनौल के सुभाष पार्क, पुरानी कचहरी मोड़, बस स्टैंड के सामने और सिंघाना रोड के आसपास ओयो होटल और अन्य स्थित करीब 20 होटलों की सूची भी तैयार हो चुकी है, जिन पर जल्द कार्रवाई की जा सकती है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में और भी होटल संचालकों पर नोटिस की गाज गिर सकती है।

सवालों के घेरे में कार्रवाई—मैरिज गार्डन क्यों बाहर।

होटल संचालकों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मैरिज गार्डन भी इस दायरे में आने चाहिए, लेकिन अब तक किसी भी गार्डन को नोटिस नहीं दिया गया है।

नारनौल के प्रमुख मैरिज गार्डन जो इस समय चल रहे हैं उनमें 

सिटी मैरिज पैलेस निजामपुर रोड, उत्सव गार्डन कुलताजपुर रोड, शुभम गार्डन निजामपुर रोड, सीएल फार्म्स रेवाड़ी रोड, सरस्वती गार्डन रेवाड़ी रोड, रामेश्वर गार्डन निजामपुर रोड, राधा कृष्ण मैरिज पैलेस हुडा सेक्टर, गणपति गार्डन महेंद्रगढ़ रोड, पैराडाइज होटल एवं मैरिज गार्डन रेवाड़ी रोड, राजा गार्डन सिंघाना रोड, रईश गार्डन सीआइए रोड, प्रधानजी मैरिज पैलेस रेवाड़ी रोड व राज गार्डन महेंद्रगढ़ रोड शामिल है।

होटल संचालकों में इसको लेकर भारी नाराजगी है और वे बराबरी के आधार पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी का कहना है कि नारनौल ही नहीं जिला के तमाम होटलों को चिन्हित किया जा रहा है। जो माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के दायरे में आएंगे सभी पर कार्रवाई की जाएगी।

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