नांगल चौधरी | सोलर लाइन विवाद में बड़ा खुलासा : सरपंच ने लगाए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप | एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
नांगल चौधरी। गांव खटोटी खुर्द में सोलर पावर प्लांट की बिजली लाइन को लेकर चल रहा विवाद अब और अधिक गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। पहले ग्रामीणों द्वारा बिना सहमति बिजली लाइन बिछाने और फर्जी सहमति पत्र तैयार करने के आरोप लगाए गए थे, वहीं अब गांव की सरपंच ज्योति ने स्वयं पुलिस […]

नांगल चौधरी। गांव खटोटी खुर्द में सोलर पावर प्लांट की बिजली लाइन को लेकर चल रहा विवाद अब और अधिक गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। पहले ग्रामीणों द्वारा बिना सहमति बिजली लाइन बिछाने और फर्जी सहमति पत्र तैयार करने के आरोप लगाए गए थे, वहीं अब गांव की सरपंच ज्योति ने स्वयं पुलिस अधीक्षक महेंद्रगढ़ को शिकायत देकर पूरे मामले में कथित फर्जीवाड़े और दस्तावेजी हेराफेरी का बड़ा आरोप लगाया है। सरपंच की शिकायत के बाद यह मामला केवल ग्रामीण विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब प्रशासनिक स्तर पर जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार गांव खटोटी खुर्द में स्थापित कोशील्या सोलर पावर प्लांट की बिजली लाइन को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है। ग्रामीण लगातार आरोप लगा रहे थे कि गांव की सहमति के बिना तीसरी बिजली लाइन बिछाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि खेती योग्य जमीनों के ऊपर से लाइन निकालने से किसानों को भारी नुकसान होगा और भविष्य में भी कई परेशानियां खड़ी होंगी। इसी को लेकर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कार्य रुकवाया था और प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

अब इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब गांव की सरपंच ज्योति ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि उनकी मुहर और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किया गया। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित लोगों ने कथित रूप से नकली दस्तावेज तैयार कर बिजली विभाग से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कीं, जबकि उन्होंने ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी ही नहीं किया।
सरपंच ने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बिजली विभाग में एस्टिमेट तैयार करवाकर पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि यह केवल गांव की पंचायत के अधिकारों का दुरुपयोग नहीं बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितता और धोखाधड़ी का मामला है। शिकायत में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पहले से दो बिजली लाइनें मौजूद हैं और अब तीसरी लाइन बिछाने से किसानों की जमीनों को नुकसान पहुंचेगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना ग्राम सभा की स्पष्ट सहमति के परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पंचायत की मुहर और हस्ताक्षर का गलत इस्तेमाल हुआ है तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

गौरतलब है कि ग्राउंड जीरो न्यूज़ ने पूर्व में भी इस विवाद को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसमें ग्रामीणों ने फर्जी सहमति पत्र तैयार किए जाने और जबरन लाइन बिछाने के आरोप लगाए थे। अब सरपंच द्वारा स्वयं पुलिस प्रशासन को शिकायत दिए जाने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चाएं तेज हो रही हैं और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
सरपंच ज्योति ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित बिजली लाइन का कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। वहीं अब प्रशासन और बिजली विभाग की आगामी कार्रवाई पर ग्रामीणों सहित पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।



