परिसीमन की आहट से “नेताजी” भ्रमित, बदलेगा सियासी गणित : रेवाड़ी में सीटें बढ़ने की चर्चा; नए समीकरणों से नेताओं में असमंजस

रिपोर्टर: सुरेंद्र गौड़
| रेवाड़ी

प्रदेश में 16 अप्रैल से प्रस्तावित जनगणना प्रक्रिया के शुरू होने के साथ ही आगामी परिसीमन को लेकर सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जनगणना के बाद होने वाला नया परिसीमन हरियाणा की राजनीति की तस्वीर को पूरी तरह बदल सकता है। इसका असर प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक व्यापक रूप से देखने को मिलेगा, खासकर दक्षिणी हरियाणा और रेवाड़ी जिले में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

परिसीमन की चर्चा से रेवाड़ी में बढ़ी सियासी बेचैनी

सूत्रों के अनुसार, परिसीमन के बाद हरियाणा में 14 लोकसभा और 121 विधानसभा सीटों का प्रस्ताव सामने आ सकता है। इनमें आरक्षित श्रेणी की सीटों की संख्या भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कुल मिलाकर 4 नई लोकसभा और 31 नई विधानसभा सीटों के जुड़ने की चर्चा ने सियासी समीकरणों को हिला दिया है।

नेताओं ने शुरू की नई गणित

रेवाड़ी जिले की बात करें तो वर्तमान में यहां तीन विधानसभा सीटें हैं, लेकिन परिसीमन के बाद चार सीटें होने की संभावना जताई जा रही है। चर्चाओं के अनुसार धारूहेड़ा को नई विधानसभा सीट बनाया जा सकता है। ऐसे में बावल, कोसली, रेवाड़ी और धारूहेड़ा चार विधानसभा क्षेत्र हो जाएंगे। इससे जिले की राजनीति में नया संतुलन बनेगा।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि बावल सीट का आरक्षित दर्जा खत्म हो सकता है, जिससे सामान्य वर्ग के कई नेता इस सीट पर सक्रिय हो सकते हैं। वहीं महिलाओं के लिए आरक्षण लागू होने की दिशा में एक सीट महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। इससे महिला नेतृत्व को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भी कई मंचों पर अपनी बात रख चुके हैं। उनका कहना है कि नए परिसीमन के बाद दक्षिणी हरियाणा की राजनीतिक ताकत बढ़ेगी, जो पहले के परिसीमन में कमजोर हुई थी।

परिसीमन की संभावनाओं के बीच जिले के कई नेता संभावित क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। कुछ नेता लगातार दौरे कर रहे हैं, जबकि कुछ अभी भी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। “देखो और इंतजार करो” की रणनीति भी कई नेताओं द्वारा अपनाई जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिसीमन केवल सीटों की संख्या नहीं बदलता, बल्कि सामाजिक और भौगोलिक संतुलन को भी प्रभावित करता है। आबादी, क्षेत्रफल, प्रशासनिक सुविधा और सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नई सीमाएं तय की जाती हैं, जिससे कई क्षेत्रों का स्वरूप बदल सकता है।

इसके अलावा लोकसभा क्षेत्रों की संरचना में भी बदलाव की चर्चा है। संभावना है कि प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में 9 विधानसभा सीटें शामिल की जाएं, जिससे मौजूदा ढांचा पूरी तरह बदल सकता है। वहीं राज्यसभा सीटों की संख्या बढ़ने की भी चर्चा तेज है।

परिसीमन की आहट के साथ ही सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। संगठन स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है और संभावित क्षेत्रों में पकड़ मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। कई नेता सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।

कुल मिलाकर, परिसीमन की चर्चा ने रेवाड़ी की राजनीति में अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। जहां पुराने नेताओं का सियासी गणित गड़बड़ा रहा है, वहीं नए चेहरों के लिए अवसर के दरवाजे खुलते नजर आ रहे हैं। अब सबकी नजर परिसीमन की अंतिम रूपरेखा पर टिकी है, जो आने वाले समय में हरियाणा की राजनीति की दिशा तय करेगी।

Edit By: Admin
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

महेंद्रगढ़ | नेशनल मॉडल स्कूल का 10वीं परीक्षा परिणाम शानदार : दीपांशु ने 486 अंक लेकर किया टॉप

Array
|
नेशनल मॉडल स्कूल महेंद्रगढ़ का 10वीं रिजल्ट शानदार, दीपांशु ने किया टॉप
नेशनल मॉडल स्कूल महेंद्रगढ़ का 10वीं रिजल्ट शानदार, दीपांशु ने किया टॉप
महेंद्रगढ़ | नेशनल मॉडल स्कूल महेंद्रगढ़ ने एक बार फिर दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में शानदार प्रदर्शन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। हर वर्ष की भांति इस बार भी विद्यालय का परीक्षा परिणाम सराहनीय रहा और सभी विद्यार्थी मे...
Continue Reading

महेंद्रगढ़ | समाधान शिविर में डीसी ने सुनीं 54 शिकायतें : जनता-प्रशासन के बीच मजबूत कड़ी बन रहे शिविर

Array
|
समाधान शिविर में लोगों की समस्याएं सुनतीं डीसी अनुपमा अंजली।
समाधान शिविर में लोगों की समस्याएं सुनतीं डीसी अनुपमा अंजली।
महेंद्रगढ़ | डीसी अनुपमा अंजली ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर गुड गवर्नेंस का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहे हैं। समय पर समाधान, अधिकारियों की जवाबदेही और आमजन की भागीदारी के साथ ये शिविर जनता और प्रशासन के बीच महत्...
Continue Reading

नारनौल | समाधान शिविर में पहुंचीं 52 शिकायतें : एसडीएम अनिरुद्ध यादव ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

Array
|
नागरिकों की समस्याएं सुनते एसडीएम अनिरुद्ध यादव।
नागरिकों की समस्याएं सुनते एसडीएम अनिरुद्ध यादव।
नारनौल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार आमजन की समस्याओं के मौके पर समाधान के लिए आयोजित किए जा रहे समाधान शिविर जिले में प्रभावी साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को लघु सचिवालय नारनौल में आयोजित विशेष समाधान शिविर में एसडीएम अनिरुद...
Continue Reading
Advertisement

Trending